पीटीएस भौंरी में महिला नवआरक्षक के खाने में निकला कीड़ा

पीटीएस भौंरी में महिला नवआरक्षक के खाने में निकला कीड़ा
क्षमता से 33% अधिक प्रशिक्षुओं का बन रहा खाना; प्रबंधन ने दिए फ्लाई कैचर मशीनें लगाने के निर्देश, जांच शुरू
भोपाल,यशभारत। पुलिस ट्रेनिंग स्कूल भौंरी में मेस की बदहाली और स्वच्छता को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। यहां बुनियादी प्रशिक्षण ले रही एक महिला नवआरक्षक की थाली में कीड़ा मिलने से हड़कंप मच गया। घटना 2 जुलाई के दोपहर के भोजन के दौरान की बताई जा रही है। इस लापरवाही के सामने आने के बाद पीटीएस प्रबंधन ने आनन-फानन में मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मेस परिसर में फ्लाई कैचर मशीनें लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
खाना परोसते ही मचा हड़कंप
सूत्रों के मुताबिक, दोपहर के भोजन के समय जब एक महिला नवआरक्षक को खाना परोसा गया, तो उसकी नजर दाल-चावल के बीच मौजूद एक कीड़े पर पड़ी। इसकी सूचना तुरंत मेस ड्यूटी पर तैनात स्टाफ और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। मामला पुलिस विभाग से जुड़ा होने के कारण प्रशासनिक अमले में तुरंत खलबली मच गई। पीटीएस प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेस कमेटी से लिखित में जवाब तलब किया है और पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू करा दी है।
प्रबंधन की दलील: पकने के बाद गिरा कीड़ा
हालांकि, इस पूरे मामले पर पीटीएस प्रबंधन का एक अलग तर्क सामने आया है। शुरुआती जांच का हवाला देते हुए प्रबंधन का कहना है कि कीड़ा भोजन पकाते समय उसमें शामिल नहीं था। संभावना जताई जा रही है कि खाना तैयार होने के बाद, मेस क्षेत्र में उड़ते हुए वह नवआरक्षक की प्लेट में गिर गया। इस दलील के बावजूद, अधिकारियों ने मेस स्टाफ को खाद्य गुणवत्ता, साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी है।
क्षमता 500 की, ठसाठस भरे हैं 665 प्रशिक्षु
इस घटना ने पीटीएस भौंरी की मेस पर पड़ रहे अत्यधिक दबाव को भी उजागर कर दिया है। वर्तमान में यहाँ 665 नवआरक्षकों (470 महिला और 195 पुरुष) के बेसिक ट्रेनिंग बैच की शुरुआत हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस मेस की वास्तविक क्षमता केवल 500 प्रशिक्षुओं को भोजन कराने की है। अपनी क्षमता से करीब 33 फीसदी अधिक जवानों का खाना एक साथ बनने के कारण मेस प्रबंधन और साफ-सफाई की व्यवस्था चरमरा रही है।
₹118 में तीन समय का डाइट चार्ट
नियमों के मुताबिक, कड़े शारीरिक श्रम और प्रशिक्षण से गुजरने वाले इन नवआरक्षकों से प्रति प्रशिक्षु ₹118 प्रतिदिन लिए जाते हैं। इसी सीमित बजट में उन्हें एक समय का नाश्ता और दो समय का भारी भोजन (लंच और डिनर) उपलब्ध कराया जाता है। इतनी कम राशि में क्षमता से अधिक लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन तैयार करना मेस स्टाफ के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। फिलहाल, प्रबंधन ने दावा किया है कि व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि देश सेवा के लिए तैयार हो रहे इन जवानों की सेहत से कोई समझौता न हो।







