मासूम छात्रा की मौत का दोषी कौन !!!! सेंट अलायसिस स्कूल या शैल्बी अस्पताल !!!! दर्द से कराहते पिता ने कहा-स्कूल व अस्पताल की लापरवाही ने ले ली मेरी बिटिया की जान , सेंट अलायसिस स्कूल की पहली कक्षा की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
स्कूल ने कहा गलत इलाज हो सकता है मौत का कारण, शैल्बी अस्पताल प्रबंधन ने मामले मे साधी चुप्पी

जबलपुर: सेंट अलायसिस रिमझा स्कूल में पहली कक्षा की छात्रा आर्ची पांडे की संदिग्ध मौत ने स्कूल और निजी अस्पताल दोनों को सवालों के घेरे में ला दिया है। बच्ची के रोते हुए पिता ने स्कूल प्रबंधन और शैल्बी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि स्कूल का दावा है कि उनके पास घटना के पूरे सीसीटीवी फुटेज हैं। यह दुखद घटना कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ गई है, जिसकी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएगी।
दर्दनाक हादसा और लापरवाही के गंभीर आरोप
माढ़ोताल थाना क्षेत्र स्थित सेंट अलायसियस रिमझा स्कूल में एक पहली कक्षा की छात्रा आर्ची पांडे स्कूल में खेलते समय बच्ची गिरकर घायल हो गई थीं। हालांकि, कुछ अन्य अभिभावकों ने घटना के तरीके पर संदेह व्यक्त किया है। उनका दावा है कि आर्ची को बास्केटबॉल के दौरान चीयर करने ले जाया गया था, जहाँ बास्केटबॉल उनके हाथ में लगी और उसके बाद वह घायल हो गईं। इसी स्थिति में स्कूल प्रबंधन द्वारा उन्हें अहिंसा चौक स्थित शैल्बी अस्पताल ले जाया गया। दुखद खबर यह है कि इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर स्कूल में पढ़ने वाले अन्य बच्चों के परिजनों ने सीधे तौर पर स्कूल प्रबंधन की चूक को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया है।
पिता का दर्द और अस्पताल पर उठे सवाल
बच्ची के पिता अरुण पांडे का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने यश भारत से बात करते हुए बताया कि जब उनकी बच्ची को शैल्बीअस्पताल ले जाया गया, तब स्कूल की टीचर ने उन्हें सीधे अस्पताल में बुलाया। पिता के अनुसार डॉ.एडम तेजा द्वारा बच्ची का इलाज किया गया और मौत के बाद मामले से पल्ला झाड़ लिया गया अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बच्ची के स्वास्थ्य को लेकर किसी भी प्रकार की कोई समस्या की बात नहीं की थी।चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब बीती रात 4 बजे पिता के पास अस्पताल प्रबंधन का फोन आया कि बेटी की हालत ठीक नहीं है और उसका हार्ट काम नहीं कर रहा है। इसके तुरंत बाद ही उन्हें बेटी की मृत्यु की खबर दे दी गई। इस अजीबोगरीब घटनाक्रम पर पिता ने दर्द से कराहते हुए कहा, “मुझे अभी भरोसा नहीं है कि आर्ची हमारे साथ नहीं है। कहीं न कहीं स्कूल प्रबंधन और अस्पताल की लापरवाही से ही मेरी बेटी की जान गई।”
स्कूल और शैल्बी अस्पताल के बीच आरोप-प्रत्यारोप
मामले ने एक नया मोड़ तब लिया जब स्कूल प्रबंधन ने बच्ची की मौत का पूरा इल्जाम शैल्बी अस्पताल पर मढ़ दिया। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्ची की मौत अस्पताल में गलत इलाज के कारण हुई है। इस बीच, स्कूल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि छात्रा खेलते वक्त गिर गई थी, जिसके बाद उन्होंने आर्ची के अभिभावक अरुण पांडे को स्कूल बुलाया था, और वह अपने पिता के साथ बात करती रही थी। स्कूल ने यह भी दावा किया है कि घटना के पूरे सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हैं।
शैल्बीअस्पताल ने मामले मे झाड़ा पल्ला
यह देखना होगा कि आर्ची की मौत महज एक दुखद हादसा थी या फिर गंभीर लापरवाही का नतीजा। पुलिस जांच और आगे की पड़ताल ही इस दुखद घटना के पीछे की सच्चाई उजागर कर पाएगी। यह जाच अभी अधूरी है क्योंकि मामले मे शैल्बीअस्पताल ने चुप्पी साध ली है जिसके बाद चौंकाने वाले खुलासे होने की सम्भावना है
जो भी घटना घटित हुई है उसके सारे सीसीटीवी फुटेज हमारे पास है बच्ची को जैसे ही चोट लगी हम उसे इलाज कराने अस्पताल ले गए और अस्पताल में बच्ची एकदम स्वस्थ थी ।
फादर स्वामी जैकब
प्राचार्य ,सेंट अलायसिस स्कूल रिमझा
मुझे अचानक स्कूल से कॉल आया कि आपकी बेटी को अहिंसा चौक स्थित शैल्वी अस्पताल ले जा रहे हैं उसे हाथ में चोट लग गई है जिसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान बेटी को अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन करने के बाद स्वस्थ बताया था परंतु अचानक रात को 4:00 बजे मुझे बुलाकर यह जानकारी दी गई कि उसका हार्ट फेल हो गया है और उसकी मौत हो गई। कहीं ना कहीं स्कूल प्रबंधन एवं अस्पताल की गलती का खामियां जा मुझे और मेरे परिवार को भुगतना पड़ रहा है।
अरूण पाण्डेय, मासूम बच्ची के पिता
मामले में अभी किसी भी प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई है अगर ऐसी कोई भी शिकायत थाने में पहुंचेगी तो इस पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी
निलेश दोहरे
थाना प्रभारी माढ़ोताल








