वेयर हाउसिंग अधिकारियों की मनमानी के चलते तय नहीं हो पा रहे उपार्जन केंद्र
रोज जोड़ रहे नए नाम, प्राथमिकता सूची को कर रहे दरकिनार, वरिष्ठ अधिकारी हो रहे परेशान

जबलपुर, यश भारत। बुधवार से जबलपुर जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद शुरू होनी है और मंगलवार की दोपहर तक खरीदी केंद्रों का निर्धारण नहीं हो पा रहा है, जिसको लेकर कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारी और खाद्य विभाग के अधिकारी लगातार बैठकर कार्य कर रहे हैं, लेकिन वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के प्रबंधकों की मनमानी के चलते फाइनल लिस्ट तैयार नहीं हो पा रही है। वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा दी गई गलत जानकारी और मनमर्जी से बनाई गई प्राथमिकता सूची के कारण यह स्थिति बनी है, जिससे हर घंटे नई सूची तैयार हो रही है और उसमें भी आपत्तियां सामने आ रही हैं।
आखिरी मौके पर बदल दिया नाम
वेयरहाउसिंग की जबलपुर ब्रांच के अंतर्गत पाटन तहसील के वेयरहाउस में ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां आरछा समिति के केंद्र के लिए अंतिम समय में एक वेयरहाउस का नाम जोड़कर उसे प्राथमिकता सूची में शामिल कर केंद्र बनाने की सिफारिश कर दी गई, जबकि उक्त संचालक द्वारा धान भंडारण में आसहयोग किया गया था। इसी तरह पाटन तहसील में एक अन्य वेयरहाउस का नाम भी ऊपर कर दिया गया, जबकि जिन वेयरहाउस संचालकों ने पहले से सहयोग किया था, उनके नाम प्राथमिकता सूची में नीचे कर दिए गए, जबकि उनके प्रस्ताव पहले से लंबित थे। जबकि स्पष्ट है कि जिनके प्रस्ताव पहले आएंगे उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी साथ ही साथ मुख्य मार्ग से दूरी और पूर्व में किए गए आसहयोग के आधार पर चयन होना था।








