पश्चिम मध्य रेल का माल लदान में शानदार प्रदर्शन, नौ माह में 41.44 मिलियन टन का आंकड़ा पार

पश्चिम मध्य रेल का माल लदान में शानदार प्रदर्शन, नौ माह में 41.44 मिलियन टन का आंकड़ा पार
-अधोसरंचना कार्यों और बेहतर परिचालन से फ्रेट लोडिंग में दर्ज की गई 7 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि
भोपाल, यशभारत। पश्चिम मध्य रेल ने माल ढुलाई (फ्रेट लोडिंग) के क्षेत्र में चालू वित्तीय वर्ष में बड़ी कामयाबी हासिल की है। महाप्रबंधक के कुशल नेतृत्व और वाणिज्यिक एवं परिचालन विभाग के निरंतर प्रयासों से रेलवे ने शुरुआती नौ महीनों (अप्रैल से दिसंबर) के भीतर 41.44 मिलियन टन से अधिक माल का लदान किया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत अधिक है।
दिसंबर में दिखी जबरदस्त तेजी
रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, केवल दिसंबर 2025 माह में ही 5.36 मिलियन टन प्रारंभिक माल लदान किया गया। जबकि पिछले वर्ष दिसंबर 2024 में यह आंकड़ा 4.98 मिलियन टन था। इस प्रकार मासिक आधार पर रेलवे ने 7.63 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है।
इन वजहों से मिली सफलता
माल लदान में इस उछाल के पीछे रेलवे द्वारा किए गए कई रणनीतिक और ढांचागत सुधार प्रमुख रहे हैं। माल गोदामों में अब ‘राउंड द क्लॉक’ यानी 24 घंटे लोडिंग और अनलोडिंग की सुविधा दी जा रही है। ट्रैक के दोहरीकरण और तिहरीकरण जैसे कार्यों से मालगाड़ियों की औसत गति बढ़ी है और स्टेशनों पर उनके खड़े रहने के समय (डिटेंशन) में कमी आई है। रेलवे ने नए कार्गो टर्मिनल और साइडिंग विकसित करने पर विशेष जोर दिया है। रेलवे अधिकारियों ने व्यापारियों और बड़े ग्राहकों के साथ निरंतर बैठकें कर उन्हें रेलवे की प्रोत्साहन योजनाओं से जोड़ा है।
भोपाल सहित तीनों मंडलों का योगदान
पश्चिम मध्य रेल के अनुसार, भोपाल सहित तीनों मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा ओरजिनेटिंग फ्रेट लोडिंग को बढ़ाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। रेलवे का लक्ष्य आगामी तीन महीनों में इस वृद्धि दर को और अधिक बढ़ाने का है ताकि वित्तीय वर्ष के अंत तक रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल किया जा सके।







