जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

सिया विवाद : यह तो होना ही था…

Sia controversy : This was bound to happen...

सिया विवाद : यह तो होना ही था…

भोपाल यशभारत। सिया विवाद अब उस मोड़ पर पहुंच गया है जो अजय देवगन और काजोल अभिनीत फ़िल्म प्यार तो होना ही था.. के टाइटिल सॉन्ग की याद दिलाता है। रिटायर्ड आईएएस सिया के चेयरमेन और वर्तमान आईएएस अधिकारी जिस तरह से नियमों की दुहाई अपने – अपने तरह से दे रहे थे, वो प्रदेश के इतिहास में पहली बार ब्यूरीक्रेसी और राजतंत्र के बीच सामने आई। यह लकीर सभी को चौंकाने वाली थी। इस मामले में एफआईआर के पत्र से लेकर कार्यालय में तालाबंदी हुई। गलती किसकी है या किसी की नहीं, यह कलमकार क्या जानें, पर विदेश से लौटते ही मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव ने तत्परता दिखाते हुए बुधवार को दो प्रमुख अधिकारियों को हटाने का निर्णय ले लिया। सीएम का यह फैसला इस विवाद को सुलझाने में कारगार साबित होगा, ऐसी उम्मीद की जा सकती है। अफसरों को हटाने का यह फ़ैसला भी लगभग उसी वक्त हो रहा था, जब सुप्रीम कोर्ट पूरे मामले को लेकर हर पहलू पर जबाब देने नोटिस दे चुका था।जनहित याचिका की सुनवाई के बीच सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से भोपाल में हड़कंप मच गया। अब बारीक जांच में दूथ का दूथ, पानी का पानी हो जाएगा। पर जिन दो सौ छत्तीस प्रकरणों में सिया ने बिना चेयरमेन को विश्वास में लिए स्वीकृति दी है, उनको लेकर असमंजस बरकरार है। जिस तरह से यह सब सिलसिला चला, उसमें ऐसा होना शुरू से तय लग रहा रहा था। स्वाभाविक है जब दो प्रेमी करीब आते है तब प्यार तो होना ही था गाने की प्रासंगिकता सामने आती है। ठीक इसी तरह इसी तरह एक छत के नीचे चेयरपर्सन और प्रमुख अधिकारियों के बीच अगर विवाद चलेगा तो शासन, कोर्ट कचहरी की चौखटों तक दस्तक देना ही होगा। अभी तो सिया विवाद को इस गाने से जोड़कर देखा गया है, पर अभी फ़िल्म का अंत होना बाक़ी है। आने वाले समय में जब फ़िल्म पूरी होगी तो साफ़ हो जाएगा कि वक्त किसका सही है। आजकल के दौर में विडंबना यह है कि समाज इस तरह की फ़िल्में नहीं देखना चाहता ।

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