बरगी के गेट खुलने का इंतजार बढ़ा, अगस्त की बारिश पर टिकी उम्मीद
अब तक 413.80 मीटर पहुंचा जलस्तर

जबलपुर, यश भारत। बरगी बांध के गेट खुलना हर साल जबलपुरवासियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होता। जैसे ही बांध के गेट खोले जाते हैं, हजारों लोग परिवार और दोस्तों के साथ बरगी पहुंचकर गिरते पानी का मनमोहक दृश्य देखने आते हैं। पिछले वर्ष जलस्तर तेजी से बढ़ने पर छह गेट खोले गए थे और कई दिनों तक बरगी डैम पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण बना रहा। लेकिन इस बार जलस्तर अभी लक्ष्य से काफी नीचे है, इसलिए गेट खुलने की स्थिति फिलहाल नहीं बन रही है। ऐसे में शहरवासियों को बरगी के उस रोमांचक नजारे के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। नर्मदा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश का असर अब बरगी बांध पर साफ दिखाई देने लगा है। बारिश के कारण नर्मदा नदी में पानी का बहाव बढ़ा है, जिससे बरगी बांध में भी जल आवक लगातार बढ़ रही है। शनिवार को बांध का जलस्तर बढ़कर 413.80 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि जलस्तर में रोजाना बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन यह अभी भी जुलाई के निर्धारित लक्ष्य और पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है। ऐसे में अब बांध प्रबंधन की निगाहें आने वाले दिनों की बारिश पर टिकी हुई हैं।
250 क्यूमेक पानी की आवक
बरगी बांध में इस समय 250 क्यूमेक पानी की आवक दर्ज की जा रही है। जलस्तर को सुरक्षित सीमा में बनाए रखने और बांध के संचालन को संतुलित रखने के उद्देश्य से 250 क्यूमेक पानी की निकासी भी लगातार की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल पानी की आवक और निकासी बराबर होने से बांध पर किसी तरह का दबाव नहीं है। यदि आने वाले दिनों में जलग्रहण क्षेत्र में तेज बारिश होती है तो जल आवक बढ़ सकती है, जिसके अनुसार निकासी की मात्रा में भी बदलाव किया जाएगा।
दाईं तट नहर से खेतों तक पहुंच रहा पानी
खरीफ सीजन को देखते हुए बरगी बांध की दाईं तट नहर से 15 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि नहर के प्रारंभ से 6.94 किलोमीटर तक पानी का प्रवाह पूरी तरह सुचारू है और कहीं भी कोई अवरोध नहीं है। इस पानी का लाभ जबलपुर, पनागर और सिहोरा क्षेत्र के हजारों किसानों को मिलेगा। धान सहित अन्य खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए यह पानी महत्वपूर्ण साबित होगा और बारिश कम होने की स्थिति में भी किसानों को राहत मिल सकेगी।
31 जुलाई तक 417 मीटर का लक्ष्य, लेकिन चुनौती बरकरार
बांध प्रबंधन ने 31 जुलाई तक जलस्तर 417 मीटर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लेकिन जुलाई का अंतिम सप्ताह शुरू होने के बावजूद जलस्तर अभी 413.80 मीटर पर ही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि अगले दो-तीन दिनों में लगातार और तेज बारिश होती है तो जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। वहीं सामान्य बारिश रहने की स्थिति में जुलाई का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल दिखाई दे रहा है। इसलिए अब पूरे संचालन की रणनीति मौसम और जल आवक पर निर्भर रहेगी।
पिछले साल इसी समय खोलने पड़े थे छह गेट
पिछले वर्ष मानसून काफी सक्रिय था और इसी अवधि में बरगी बांध का जलस्तर 419.50 मीटर तक पहुंच गया था। जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण बांध के छह गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया था, ताकि बांध का स्तर नियंत्रित रहे और आगे आने वाले पानी के लिए पर्याप्त भंडारण क्षमता बनी रहे। इसके विपरीत इस वर्ष अभी तक ऐसी स्थिति नहीं बनी है, जिससे साफ है कि इस बार मानसून की रफ्तार पिछले वर्ष की तुलना में धीमी रही है।
अगस्त की बारिश तय करेगी बरगी की तस्वीर
बांध अधिकारियों के अनुसार हर वर्ष अगस्त माह में बरगी बांध का जलस्तर 421 से 422.76 मीटर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। इसके बाद यदि जलस्तर इससे अधिक होता है तो अतिरिक्त पानी की निकासी की जाती है। इस वर्ष भी यही लक्ष्य रखा गया है, लेकिन इसकी सफलता पूरी तरह अगस्त में होने वाली बारिश पर निर्भर करेगी। यदि जलग्रहण क्षेत्र में अच्छी और लगातार बारिश हुई तो बांध अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकता है, जबकि कमजोर मानसून की स्थिति में इस बार बरगी बांध के सामान्य से कम भरने की संभावना बनी रहेगी।
बरगी बांध की वर्तमान स्थिति
वर्तमान जलस्तर: 413.80 मीटर
वर्तमान जल आवक: 250 क्यूमेक
वर्तमान जल निकासी: 250 क्यूमेक
दाईं तट नहर से छोड़ा जा रहा पानी: 15 क्यूमेक
नहर में सुचारू प्रवाह: 6.94 किलोमीटर
31 जुलाई का लक्ष्य: 417 मीटर
अगस्त का लक्ष्य: 421–422.76 मीटर
पिछले वर्ष इसी समय जलस्तर: 419.50 मीटर (6 गेट खोलने पड़े थे)








