GST कर अपवंचन मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, कुल तीन गिरफ्तारियाँ
Two more accused arrested in GST tax evasion case, total three arrests

GST कर अपवंचन मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, कुल तीन गिरफ्तारियाँ
ग्वालियर, 03 जुलाई 2025 – आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा दर्ज प्रकरण क्रमांक 102/25, कर अपवंचन एवं संगठित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में जारी गहन जांच के दौरान दो महत्वपूर्ण सह-साजिशकर्ता शेख जफर और राजा शेख को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह मामला विगत वर्षों में ₹512 करोड़ की फर्जी इनवॉइसिंग और ₹134 करोड़ के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के माध्यम से शासन को राजस्व हानि पहुँचाने से संबंधित है। इस मामले में मुख्य आरोपी विनोद सहाय उर्फ एन.के. खरे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
शेख जफर की भूमिका एवं गिरफ्तारी
अनूपपुर निवासी शेख जफर ने मुख्य आरोपी विनोद सहाय के कहने पर अपने नाम पर अंबर कोल डिपो और अनम ट्रेडर्स नामक फर्जी फर्मों का निर्माण किया था। इन फर्मों का वास्तविक व्यावसायिक संचालन नहीं था, लेकिन इनके माध्यम से मांगरेवा ट्रेडर्स, नमामी ट्रेडर्स, और अभिजीत ट्रेडर्स (विनोद सहाय की एक अन्य फर्जी फर्म) जैसे फर्मों से लेनदेन दर्शाया गया। इन फर्जी फर्मों से बड़े थर्मल पावर प्लांट्स, जैसे कि MSP Power, B.S. Sanjhe Power, प्रकाश इंडस्ट्रीज, और अन्य को, बिना किसी कोयला आपूर्ति के कागजी इनवॉइस जनरेट कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ दिलाया गया।
शेख जफर ने बिलासपुर के कई व्यक्तियों के साथ मिलकर कोल सप्लाई के फर्जी चालान, ट्रक नंबर, ई-वेबिल, वजन पर्ची आदि तैयार कर करोड़ों की जीएसटी धोखाधड़ी को अंजाम दिया। उसे 02 जुलाई 2025 को बिलासपुर से विधिवत गिरफ्तार कर पूछताछ हेतु 07 जुलाई 2025 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
राजा शेख की भूमिका एवं गिरफ्तारी
भोपाल निवासी राजा शेख, फर्म महक एंटरप्राइजेज का प्रोपराइटर है। जांच में यह सामने आया कि उसने विनोद सहाय की फर्जी फर्मों, जैसे अभिजीत ट्रेडर्स, नमामी ट्रेडर्स, और अंकिता सील एंड कोल, से लगभग ₹6 करोड़ का फर्जी सीमेंट व्यापार दर्शाया। इन लेन-देन के आधार पर ₹1.20 करोड़ का फर्जी ITC क्लेम किया गया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से अन्य फर्मों की सील एवं अपराध से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। आरोपी लगातार सीमेंट व्यापारियों से संपर्क में रहकर फर्जी रिटर्न दाखिल करता रहा। उसे 01 जुलाई 2025 को भोपाल से गिरफ्तार कर 02 जुलाई 2025 को न्यायालय द्वारा न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
अब तक की कार्रवाई की स्थिति
मुख्य आरोपी विनोद सहाय सहित अब तक कुल 3 प्रमुख अभियुक्त गिरफ्तार किए गए हैं।
14 फर्जी फर्मों की पहचान की गई है, और उनके माध्यम से ₹512 करोड़ से अधिक की फर्जी इनवॉइसिंग प्रमाणित हुई है।
₹134 करोड़ से अधिक के फर्जी ITC के दस्तावेजी प्रमाण एकत्र किए गए हैं।
150 से अधिक बैंक खातों की जांच जारी है।
कई कंपनियों की सील, डिजिटल उपकरण, और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।







