भोपाल के एक थाने में अब दो निरीक्षक संभालेंगे कमान, कमिश्नर ने लागू किया टू-आईसी मॉडल

भोपाल के एक थाने में अब दो निरीक्षक संभालेंगे कमान, कमिश्नर ने लागू किया टू-आईसी मॉडल
भोपाल, यशभारत। राजधानी में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पुलिसिंग को हाईटेक बनाने के लिए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने एक अभिनव प्रशासनिक प्रयोग शुरू किया है। शहर के चुनिंदा और भारी कार्यभार वाले थानों में अब एक के बजाय दो निरीक्षक तैनात किए जा रहे हैं। इस नई व्यवस्था को टू-आईसी मॉडल का नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य फील्ड ड्यूटी और केस इन्वेस्टिगेशन के बीच बेहतर तालमेल बिठाना है।
निशातपुरा और हबीबगंज से हुई शुरुआत
पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में पुलिस कमिश्नर ने निशातपुरा और हबीबगंज जैसे महत्वपूर्ण थानों को चुना है। निशातपुरा थाने में निरीक्षक अनिल यादव और हबीबगंज थाने में निरीक्षक नीतू कुसारिया को टू-आईसी के रूप में पोस्टिंग दी गई है। ये दोनों अधिकारी संबंधित थानों में पहले से पदस्थ प्रभारियों के साथ मिलकर कानून-व्यवस्था को मजबूत करेंगे।
तीन चरणों में बढ़ेगा दायरा
पुलिस मुख्यालय की योजना के अनुसार, इस मॉडल को शहर के अन्य हिस्सों में भी विस्तार दिया जाएगा। दूसरे फेज में कोहेफिजा और पिपलानी थाना क्षेत्रों में दो-दो निरीक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद तीसरे फेज में शाहजहानाबाद और छोला मंदिर थानों को इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।
क्यों अहम है यह बदलाव?
आमतौर पर एक थाना प्रभारी पर कानून-व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा और प्रशासनिक बैठकों का अत्यधिक दबाव रहता है, जिससे गंभीर अपराधों की विवेचना प्रभावित होती है। नए मॉडल के तहत कार्य का स्पष्ट विभाजन होगा। एक निरीक्षक कानून-व्यवस्था और फील्ड के मोर्चे पर सक्रिय रहेगा, जबकि दूसरा विवेचना और कानूनी बारीकियों पर ध्यान केंद्रित कर सकेगा। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल लंबित मामलों का जल्द निपटारा होगा, बल्कि अपराधियों पर भी शिकंजा कसना आसान होगा।







