लोकायुक्त के दो डीएसपी हटाए, सस्पेंड करने का प्रस्ताव

लोकायुक्त के दो डीएसपी हटाए, सस्पेंड करने का प्रस्ताव
भोपाल, यशभारत। भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई करने वाली संस्था लोकायुक्त खुद ही दागदार हो गई है। भोपाल लोकायुक्त कार्यालय में करप्शन केसों की डीलिंग और रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा होने के बाद सरकार और महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में सरकार की किरकिरी होते ही पुलिस मुख्यालय और लोकायुक्त संगठन ने बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त में पदस्थ दो डीएसपी मंजू सिंह और बीएम द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से हटाकर भोपाल पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। इसके साथ ही एडीजी योगेश देशमुख ने दोनों डीएसपी को सस्पेंड करने काप्रस्ताव डीजीपी कैलाश मकवाना को भेज दिया है।
वीडियो में लोकायुक्त का टेक्नीशियन अमित विश्वकर्मा, आरक्षक और रीडर ट्रैप केस को कमजोर करने के बदले 3 से 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगते साफ नजर आ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी का सरकारी लाभ और पेंशन न रुके, इसके लिए केस को उसके रिटायरमेंट तक लंबा खींचने का सौदा किया जा रहा था। इतना ही नहीं, लोकायुक्त का टेक्नीशियन अमित विश्वकर्मा वॉयस सैंपल के दौरान आवाज बदलने और फॉरेंसिक रिपोर्ट को प्रभावित करने का दावा भी कैमरे पर करते हुए पकड़ा गया है।







