कांग्रेस में जल्द नियुक्ति नगर-ग्रामीण अध्यक्ष के नाम होंगे चौंकाने वाले

कांग्रेस में जल्द नियुक्ति नगर-ग्रामीण अध्यक्ष के नाम होंगे चौंकाने वाले
जबलपुर यश भारत। प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने और नये सिरे से खड़ा करने के उद्देश्य से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की पहल पर गुजरात मॉडल की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी संगठन सृजन अभियान शुरू किया गया है और इस अभियान का मुख्य उद्देश्य था जमीनी और निष्ठावान तथा कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास करने वाले आम कार्यकर्ता की सहमति से नगर एवं जिला अध्यक्ष को नियुक्त करना।
यह प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है और जैसे संकेत मिल रहे हैं उसके मुताबिक जबलपुर के नगर और जिला अध्यक्ष की कमान सौंपने में चौकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं। जिसकी किसी को उम्मीद ना होगी वह भी नगर और जिला का अध्यक्ष बन सकता है। कांग्रेस पार्टी के द्वारा इसके लिए बाकायदा केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए थे जिन्होंने विधानसभावार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से लेकर आम कार्यकर्ताओं तक से वन टू वन चर्चा की और उनकी राय जानी। इधर दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी अपनी तरफ से पर्यवेक्षक नियुक्त किए थे जो केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ मौजूद रहे। कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट और नाम के पैनल शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा दिए हैं। और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के सी विष्णुगोपाल की उपस्थिति में इन नाम पर मंथन भी हो चुका है। मंथन के दौरान पर्यवेक्षक के अलावा केवल प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ही मौजूद रहे। पर्यवेक्षकों के साथ मंथन के बाद प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को भी दिल्ली तलब किया गया है और उनके साथ भी मंथन का एक दौर आज कल में हो सकता है। पैनल में से तीन नाम सिलेक्ट किया जाना है और अंत में तय होगा कि आखिर कमान किसके हाथ में सौंपी जाए। पहले कहां जा रहा था कि जुलाई की अंतिम सप्ताह में नगर और जिला अध्यक्षों की सूची जारी कर दी जाएगी लेकिन अब जो संकेत मिल रहे हैं उसके मुताबिक अगस्त के पहले पखवाड़ा में नई जिला अध्यक्षों की सूची जारी हो सकती है इसके लिए दिल्ली में अंतिम द्वार की प्रक्रिया जारी है। लंबी रही है दावेदारों की फेहरिस्त
जिस समय केंद्रीय पर्यवेक्षक नगर और ग्रामीण क्षेत्र के दौरे पर थे उनके सामने दावेदारी पेश करने वालों की बड़ी संख्या रही है जिसमें पूर्व विधायक से लेकर विधायक का चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों के अलावा पूर्व में संगठन और दूसरे पदों पर रहे लोग भी शामिल थे। इसके अलावा वर्तमान नगर और ग्रामीण अध्यक्ष भी इस रेस में हैं। लेकिन अब जिस तरह के संकेत मिल रहे हैं और कांग्रेस के उच्च सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार इस बार अध्यक्ष पद पर चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं। वर्तमान अध्यक्ष जहां अपने-अपने दोबारा रिपीट होने की आस लगाए हैं तो अन्य दावेदार अपने-अपने स्तर पर सक्रिय होकर अपने संपर्कों के माध्यम से एक्टिव भी है लेकिन अब देखना यह है कि अंतिम समय पर मुहर किसके नाम पर लगती है। जिस समय राहुल गांधी ने भोपाल से इस अभियान की शुरुआत की थी उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कार्यकर्ताओं की राय को सबसे ऊपर रखा जाए इसके लिए बाकायदा गाइडलाइन भी जारी की गई थी। और उसकी गाइडलाइन के जरिए ही पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट सौपी है।
इसलिए हर कोई बनना चाहता है अध्यक्ष
कांग्रेस संगठन सज्जन अभियान की शुरुआत से ही एक बात स्पष्ट कर दी गई थी कि इस अभियान के तहत ऐसे लोगों को अध्यक्ष बनाया जाएगा जिनकी परफॉर्मेंस तो अच्छी है और वह कांग्रेस की प्रति निष्ठावान तथा समर्पित रहे हैं। मौका परस्त लोगों के लिए संगठन में कोई आवश्यकता नहीं है। श्री गांधी ने यह भी स्पष्ट किया था कि जिला अध्यक्षों को और मजबूत करने के लिए उन्हें विशेष अधिकार भी दिए जाएंगे क्योंकि संगठन में जिला अध्यक्ष की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण होती है और वह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लेकर आम कार्यकर्ता तक सेतु का काम करता है। और यह वही वजह है जिसके कारण वरिष्ठ लोग भी इस कतार में रहे हैं।






