पाकिस्तान में बैठे कुख्यात अपराधी दाऊद इब्राहिम का गुर्गा चला रहा था भोपाल में ड्रग्स फैक्ट्री – निदेशालय राजस्व खुफिया (डीआरआई) की जांच में हुआ खुलासा

पाकिस्तान में बैठे कुख्यात अपराधी दाऊद इब्राहिम का गुर्गा चला रहा था भोपाल में ड्रग्स फैक्ट्री
– निदेशालय राजस्व खुफिया (डीआरआई) की जांच में हुआ खुलासा
– ठाणे के भिवंडी से भेजा था ड्रग्स बनाने के लिए कच्चा माल
भोपाल यशभारत। राजधानी के जगदीशपुर क्षेत्र में चल रही मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। फैक्ट्री का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इस नेटवर्क का संचालन पाकिस्तान में बैठे कुख्यात अपराधी दाऊद इब्राहिम का गुर्गा सलीम डोडा कर रहा था। फैक्ट्री का पूरा कंट्रोल भोपाल के अलावा ठाणे से किया जा रहा था। इस बात का खुलासा निदेशालय राजस्व खुफिया (डीआरआई) मुंबई ने जांच में किया है। डीआईआई द्वारा पिछले दिनों फैक्ट्री में छापामार कर बड़ी मात्रा में मेफोड्रोन ड्रग्स बरामद की गई है। शुरूआती जांच में सामने आया है कि मार्च से जुलाई तक भोपाल की इस फैक्ट्री में करीब चार सौ किलो कच्चा माल सप्लाई किया गया था जिसका उपयोग मेफोड्रोन बनाने में किया जा रहा था। डीआरआई की टीम ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि ड्रग्स बनाने के लिए कच्चा माल ठाणे के भिवंडी से सलीम डोडा के इशारे से भेजा जाता था।
पहले भी जब्त की जा चुकी है ड्रग्स
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजधानी भोपाल के बगरोदा इलाके में नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 1800 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स बरामद की थी और इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। भोपाल में जो कार्रवाई की गई है उसका नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
ऑपरेशन क्रिस्टल ब्रेक नाम से चलाया गया था ऑपरेशन
डीआरआई टीम ने 18 अगस्त को कार्रवाई की थी। ऑपरेशन क्रिस्टल ब्रेक नाम से ऑपरेशन चलाया गया था। कारवाई के दौरान अवैध दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग कारखाने का भंडाफोड़ किया गया है। इस ऑपरेशन के दौरान सूरत और मुंबई पुलिस ने भी डीआरआई का सहयोग किया। डीआरआई ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर छापे मारे और इस गिरोह के सात प्रमुख लोगों को गिरफ्तार किया।
61.20 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद की गई
ग्राम-जगदीशपुर (इस्लामनगर), हुजूर-तहसील, जिला-भोपाल स्थित अवैध निर्माण इकाई की तलाशी में 61.20 किलोग्राम मेफेड्रोन (तरल रूप में) बरामद और जब्त किया गया। जिसकी अवैध बाजार में कीमत 92 करोड़ आंकी गई। इसके अतिरिक्त, 541.53 किलोग्राम कच्चा माल, जिसमें मेथिलीन डाइक्लोराइड, एसीटोन, मोनोमेथिलमाइन (एमएमए), हाइड्रोक्लोरिक एसिड (एचसीएल), और 2-ब्रोमो शामिल हैं, के साथ-साथ प्रसंस्करण उपकरणों का एक पूरा सेट भी जब्त किया गया।
हेरोइन और कोकीन से ज्यादा नशीला हे मेफेड्रोन
भोपाल में जिस जगह पर डीआरआई की टीम ने कार्रवाई पर की है वहां पर कारखने को कपड़े से ढांककर रखा गया थ। केमिस्ट समेत दो लोग को अवैध उत्पादन प्रक्रिया में लिप्त पाया गया। बताया जा रहा है कि मेफोड्रोन ड्रग हेरोइन और कोकीन से भी ज्यादा नशीला होता है। इसे म्याऊं म्याऊं कोड नेम से भी जाना जाता है। मेफोड्रोन पौधों के लिए बनी सिंथेटिक खाद है। यह कोकीन और हेरोइन दोनों की तुलना में सस्ता होता है।







