अपराध की दुनिया में महिलाओं की बढ़ती धमक, गहनों की चोरी से लेकर हनीट्रैप और गैंगरेप तक में शामिल

अपराध की दुनिया में महिलाओं की बढ़ती धमक – गहनों की चोरी से लेकर हनीट्रैप और गैंगरेप तक में शामिल
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश की राजधानी में बीते एक साल के भीतर महिला अपराधियों का ग्राफ जिस तेजी से बढ़ा है, वह चौंकाने वाला है। पुलिस के ताजा रिकॉर्ड बताते हैं कि शहर के विभिन्न थानों में 200 से ज्यादा महिला अपराधियों को चिन्हित किया गया है, जो संगठित गिरोह चलाकर हत्या, लूट, हनीट्रैप और ड्रग्स तस्करी जैसी वारदातों को अंजाम दे रही हैं।
अपराध की इस नई लहर में सबसे ऊपर रजिया उर्फ रज्जो का नाम है, जिस पर भोपाल से लेकर इंदौर तक 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं। रज्जो का गिरोह ज्वेलरी शोरूम्स को निशाना बनाता है और पलक झपकते ही कीमती गहने पार कर देता है। सिर्फ रज्जो ही नहीं, अंजली, नगमा और ज्योति (मधु गैंग) ने भी शहर में आतंक मचा रखा है। पुलिस साक्ष्यों के अनुसार, इस गैंग ने अब तक 40 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है। यह गिरोह इतना संगठित है कि पुलिस के लिए इनकी गतिविधियों को ट्रैक करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
हैरानी की बात यह है कि महिलाएं अब केवल चोरी-चकारी तक सीमित नहीं हैं। शहर में हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा हो गया है। तन्वी उर्फ तनु जैसे नामों ने रसूखदारों को अपने प्रेम जाल में फंसाकर लाखों की वसूली की है। अनुराधा नाम की एक महिला ने तो ठगी की सारी हदें पार कर दीं उसने महज 7 महीने में 25 शादियां कीं और हर बार जेवर और नकदी लेकर रफूचक्कर हो गई। इसी तरह हसीना बी जैसे अपराधी बुजुर्गों को निशाना बनाकर उनकी संपत्ति हड़पने के काम में सक्रिय पाई गई हैं।
जघन्य अपराधों की बात करें तो बागसेवनिया थाना क्षेत्र में सामने आया अमरीन और आफरीन का मामला सबसे भयावह है। ये सगी बहनें मिलकर हिंदू युवतियों को फुसलाती थीं और फिर उन्हें रेप व धर्मांतरण के नरक में धकेल देती थीं। इसी तरह मोनिका और रेणुका जैसी महिलाओं पर एक नाबालिग छात्रा के साथ गैंगरेप की साजिश रचने का संगीन आरोप लगा है। वहीं, शहर में गांजा और एमडी ड्रग्स की सप्लाई में सुधा श्रीवास जैसे नाम उभरकर आए हैं, जो यह साबित करते हैं कि नशे के अवैध कारोबार में भी महिलाओं की पैठ गहरी हो चुकी है।
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पुराने भोपाल के ऐशबाग, तलैया, टीला जमालपुरा, हनुमानगंज, जहांगीराबाद और निशातपुरा इलाके महिला अपराधियों के मुख्य ग? बनकर उभरे हैं। भोपाल क्राइम ब्रांच ने अकेले पिछले एक साल में 90 से ज्यादा महिला आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कम समय में लग्जरी लाइफस्टाइल की चाहत और सोशल मीडिया के जरिए आसान शिकार की उपलब्धता ने महिलाओं को इस दलदल की ओर धकेला है। चूंकि महिलाओं पर आमतौर पर सुरक्षा जांच के दौरान कम संदेह किया जाता है, इसलिए बड़े गिरोह अब उन्हें अपने ऑपरेशन्स के लिए कवच की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
इनका कहना है
महिला अपराधियों का बढ़ता ग्राफ हमारे संज्ञान में है। हमने इनका एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया है। रजिया उर्फ रज्जो जैसी आदतन अपराधियों के खिलाफ जिला बदर और एनएसए के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। विशेष टीम इन गिरोहों की फंडिंग और नेटवर्क को तोडऩे पर काम कर रही है।
– संजय सिंह, पुलिस कमिश्नर, भोपाल
इनका कहना है..
पिछले कुछ समय में हमने पाया है कि महिलाएं अब केवल अपराध में सहयोगी नहीं बल्कि सिंडिकेट की लीडर बन रही हैं। खासकर हनीट्रैप और संगठित चोरी में उनकी भूमिका ब?ी है। हम ऐसी संदिग्ध महिलाओं और उनके मददगारों की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
– शैलेंद्र सिंह चौहान, डीसीपी क्राइम, भोपाल







