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पंच सरपंच का पहला कर्तव्य, वह अपनी ग्राम पंचायत को आदर्श बनाएं : मंत्री प्रहलाद पटेल पंचायत भवनों के लिए बढ़ाई राशि

पूर्व में पंचायत भवन बनाने के लिए 15 लाख रुपए की राशि दी जाती थी जिसे बढाकर 25 लाख किया गया और अब वर्तमान में 37, 50 लाख रुपए की राशि से पंचायत भवन बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 500 की आबादी में प्रधानमंत्री सडक़ बनाई जाती थी लेकिन अब यदि उन ग्राम पंचायत में सहरिया, बैगा, भारिया आबादी है तो 100 की आबादी में भी प्रधानमंत्री सडक़ बनाई जा रही है। मंत्री पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायत का यह प्रमुख दायित्व है कि वह अपनी नाले और नालियां ठीक से बनाएं यदि कहीं नल की टोटी या पाइप फूट गया है तो उसे ठीक करें इसके लिए पंचायत में फंड आता है। पेयजल एवं सडक़, बिजली, पानी की सुविधा उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि 6 लाख प्रधानमंत्री आवास बनाने की चुनौती है।

जिसे हर हाल में पूरा किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा की आवास की किस्त हितग्राही को समय पर मिले। भोपाल, यशभारत। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तथा श्रम विभाग के मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि पंच सरपंच से कोई भी अधिकार नहीं छीना जाएगा लेकिन पंच सरपंचों का यह प्रमुख दायित्व है कि वह सौंपे गए कर्तव्य को पूरा करें। पंच और सरपंच यदि ठान लें तो अपनी ग्राम पंचायत को आदर्श ग्राम पंचायत बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंच और सरपंचों के पास अभी ढाई साल का समय है। इन ढाई सालों में वह अपने ग्राम पंचायत को बेहतर से बेहतर बना सकते हैं। जिन ग्राम पंचायतों ने ठीक काम किया उन्हें एक करोड रुपए की राशि दी गई और जिन ग्राम पंचायत ने उत्कृष्ट कार्य करके दिखाया उन्हें 3 करोड रुपए की राशि विकास कार्यों के लिए दी गई। इससे संदेश साफ है की काम करने वाली पंचायतें पुरस्कृत होगी। मंत्री प्रहलाद पटेल नर्मदापुरम के जनपद पंचायत प्रांगण में पंच सरपंच सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
पटेल ने कहा कि पंच और सरपंच अधिकार मांगते हैं लेकिन कर्तव्य कहीं पीछे छूट जाते हैं। महात्मा गांधी, राम मनोहर लोहिया और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि पंच मै परमेश्वर का वास होता है लेकिन जब उन्होंने यह वाक्य कहा तब कर्तव्य की बात थी तब अधिकार नहीं था लेकिन आज हम कर्तव्य को भूलकर अधिकार की मांग करते हैं। उन्होंने कहा की आजादी के बाद पंचायत को अधिकार नहीं थे, तब ग्राम पंचायत सर्वश्रेष्ठ कार्य करके दिखाती थी। तब कुछ लोग अपनी पंचायत का विकास करने के लिए स्वयं आगे आकर राशि एकत्रित कर विकास के कार्य करते थे, लेकिन आज सभी लोग सरकार से आस रखते हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि सभी पंच और सरपंच निश्चित रहे उन्हें अधिकार मिलेंगे लेकिन वह अपने कर्तव्य ना भूले। सभी पंच एवं सरपंच ग्राम पंचायत को अपने परिवार की तरह चलाएं। 5 वर्ष की अवधि में ग्राम की भलाई के लिए कार्य करें।
श्री पटेल ने कहा कि कोई भी ग्राम पंचायत बिना कार्यालय भवन के नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए 1195 ग्राम पंचायत में प्रथम चरण में पंचायत भवन बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। पूर्व में इसे सुशासन भवन नाम दिया गया था लेकिन बाद में इसे ग्राम सेवा सदन का नाम दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि कोई ग्राम पंचायत भवन 30 से 35 साल पुराना है तो उस भवन को डिस्मेंटल करके पुन: नया नवीन भवन बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पूर्व में ग्राम पंचायत भवन तीन मंजिला होगी इसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी लेकिन आज इंजीनियरों ने ऐसी डिजाइन बनाई है कि अब ग्राम पंचायत भवन तीन मंजिला बनाई जा सकती है।

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