महिला आरक्षण पर गरमाई सियासत, पीसी शर्मा ने उठाए सवाल जनगणना और परिसीमन के बिना आरक्षण लागू करना गलत, चुनावी लाभ के लिए मुद्दा उठाने का आरोप

महिला आरक्षण पर गरमाई सियासत, पीसी शर्मा ने उठाए सवाल
जनगणना और परिसीमन के बिना आरक्षण लागू करना गलत, चुनावी लाभ के लिए मुद्दा उठाने का आरोप
भोपाल यश भारत। महिला आरक्षण को लेकर देशभर में सियासी बहस तेज हो गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने मौजूदा प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बिना जनगणना कराए महिला आरक्षण लागू करना उचित नहीं है और यह कदम जल्दबाजी में उठाया जा रहा है। पीसी शर्मा ने कहा कि किसी भी प्रकार का आरक्षण लागू करने से पहले जनगणना कराना बेहद जरूरी है, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिया जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि पहले परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए उसके बाद ही महिला आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कार्य पहले ही कांग्रेस सरकार के समय किए जा चुके हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में पंचायत स्तर तक महिलाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे। पीसी शर्मा ने आगे कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक पारित हो चुका है लेकिन वर्तमान में जिस तरह इस मुद्दे को उठाया जा रहा है वह राजनीतिक रूप से प्रेरित नजर आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे को उछाला जा रहा है ताकि नए मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा जनहित से अधिक चुनावी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।







