शिकायत के 13 दिन बाद भी नहीं सुधरी नर्मदा जल की फूटी लाइन

शिकायत के 13 दिन बाद भी नहीं सुधरी नर्मदा जल की फूटी लाइन
– निगम की लापरवाही से रोज़ बह रहा लाखों लीटर पानी
यश भारत भोपाल। राजधानी के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में नर्मदा जल आपूर्ति की एक बड़ी पाइपलाइन पिछले 13 दिनों से फूटी पड़ी है। 18 अक्टूबर को स्थानीय उद्योगपतियों और क्षेत्रवासियों ने नगर निगम को इस जल बर्बादी की शिकायत की थी, लेकिन आज तक मरम्मत का कोई कार्य शुरू नहीं हुआ। नतीजतन, रोजाना हजारों लीटर कीमती नर्मदा जल सडक़ों पर बहकर व्यर्थ जा रहा है। इससे न केवल पानी की भारी बर्बादी हो रही है, बल्कि सडक़ों पर जलजमाव और मच्छरों के पनपने से लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है।
क्षेत्र के व्यापारियों ने बताया कि हर दिन सुबह से देर रात तक नर्मदा जल की सप्लाई के दौरान पाइपलाइन से तेज़ धार में पानी रिसता है। कई बार मोटर चालकों ने सडक़ पर फिसलने की शिकायत भी की है। इसके बावजूद निगम की ओर से मरम्मत का कोई प्रयास नहीं किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत करने के बाद निगम अधिकारी सिर्फ निरीक्षण का आश्वासन देकर लौट गए।
शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई
पाइपलाइन का लीकेज बड़ा होने के कारण पूरे क्षेत्र में सडक़ पर पानी फैल रहा है, जिससे वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। उद्योगपतियों का कहना है कि हर दिन हजारों लीटर पानी सडक़ पर बह जाता है। कई बार शिकायत की, लेकिन निगम के अधिकारी मौके पर आकर लौट जाते हैं। मरम्मत के लिए न तो जेसीबी आई और न ही पाइप बदले गए अग्रवाल ने कहा।
मच्छरों और दुर्गंध से बढ़ी दिक्कत
लगातार बहते पानी के कारण क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति बन गई है। आसपास के ड्रेनों में गंदा पानी और नर्मदा जल मिलकर बदबू फैलाने लगे हैं। स्थानीय रहवासी रीना दुबे ने बताया सडक़ के किनारे पानी भरा रहने से मच्छर पनप रहे हैं। रात में मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। डेंगू के मौसम में इस तरह की लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है।
निगम के अफसरों ने टाली जिम्मेदारी
जब इस संबंध में नगर निगम के जोन-2 कार्यालय से संपर्क किया गया, तो एक अधिकारी ने बताया कि “लाइन बड़ी है और मरम्मत के लिए तकनीकी टीम की जरूरत है। काम जल्द कराया जाएगा।” हालांकि, 13 दिन बीत जाने के बाद भी मौके पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।







