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ही नहीं दी है। ऐसे में सदन की गरिमा का ध्यान नहीं रखा जा रहा है जो काफी खेदजनक है। ऐसे अधिकारी को हटाने में भी स्वास्थ्य सरकार पीछे हट रही है। सदन की गरिमा को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने 12.25 पर वॉकआउट कर दिया। विधानसभा में मंगलवार के दिन यह परंपरा है कि 12 बजे तक का प्रश्रकाल सिर्फ महिला विधायकों के लिए ही होता है। महिला विधायकों की चर्चा में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि वर्षों से जिला स्तर की शांति समिति के पुर्नगठन के लिए शासन ने दिशा निर्देश दो माह के अंदर जारी कर दिए हैं। विधानसभा में आज कार्रवाई की शुरूआत में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन पर शोक संवेदनाएं दी गईं। पांच मिनिट उनके सम्मान में विधानसभा स्थगित रखी गई। सदन की शुरूआत पांच मिनिट बाद जब हुई तो अध्यक्ष की आसंदी में भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय विश्रोई ने संचालित की। कार्रवाई शुरू होते ही कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा कि प्रश्रों के जवाब नहीं आ रहे हैं। इस पर अध्यक्ष की आसंदी पर बैठे अजय विश्रोई ने कहा कि आज महिला विधायकों के लिए सदन ने महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर समय रखा गया है। अभी सदन को चलने दें। इसके बाद महिला विधायक अनुभा मुंजारे, झूमा सोलंकी, सेना पटेल, चंदा सुरेंद्र सिंह गौर ने अपने-अपने क्षेत्र के विकास एवं समस्याओं के सवाल रखे। महिलाओं के सवाल जवाब संबधित मंत्रियों ने दिए। भाजपा विधायक नीना वर्मा ने जिले की शांति समिति को लेकर सवाल किया कि 1987 के बाद जिला शंाति







