अतिथि शिक्षकों के लिए राहत: जुलाई-अगस्त के मानदेय पर E-अटेंडेंस की अनिवार्यता खत्म

अतिथि शिक्षकों के लिए राहत: जुलाई-अगस्त के मानदेय पर E-अटेंडेंस की अनिवार्यता खत्म
मैनुअल उपस्थिति होगी मान्य
भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के अतिथि शिक्षकों के मानदेय भुगतान को लेकर एक बड़ा आदेश जारी किया है। यह आदेश उन हजारों अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत देगा, जो तकनीकी कारणों से जुलाई और अगस्त माह में ‘हमारे शिक्षक ऐप’ के माध्यम से अपनी ऑनलाइन ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं कर पाए थे।
जुलाई-अगस्त के लिए विशेष रियायत
संचालनालय द्वारा 17 अक्टूबर 2025 को जारी पत्र के अनुसार, यह निर्णय लिया गया है कि जिन अतिथि शिक्षकों ने जुलाई और अगस्त 2025 में किसी भी कारण से ई-अटेंडेंस नहीं लगाई है, उनका मानदेय नहीं रुकेगा।
मानदेय का आधार: ऐसे अतिथि शिक्षकों को उनके स्कूल के शाला प्रभारी द्वारा सत्यापित उपस्थिति पंजी (मैनुअल रिकॉर्ड) के आधार पर मानदेय दिया जाएगा।
प्रक्रिया: शाला प्रभारी, उपस्थिति पंजी के रिकॉर्ड को सत्यापित करते हुए, उन दिनों की प्रविष्टि एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर अपलोड करेंगे। इसके बाद ही संबंधित शिक्षकों के मानदेय देयक जनरेट हो सकेंगे।
सितंबर से E-अटेंडेंस अनिवार्य
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल जुलाई और अगस्त माह के लिए है। सितंबर माह से ई-अटेंडेंस के संबंध में पूर्व में जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन अनिवार्य है।
आयुक्त, लोक शिक्षण ने सभी शाला प्रभारी, संकुल प्राचार्य एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सितंबर से आगे के महीनों में ई-अटेंडेंस की प्रक्रिया को सुनिश्चित करें। साथ ही, यह चेतावनी भी दी गई है कि यह शिथिलता (रियायत) केवल शुरुआती चरणों की दिक्कतों के कारण दी गई है और भविष्य में इसे किसी भी उदाहरण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि जुलाई और अगस्त का मानदेय जल्द से जल्द जारी किया जा सके।







