प्रदेश के युवाओं के सपनो को पूरा करने के लिए पुलिस अधिकारी बने सारथी

प्रदेश के युवाओं के सपनो को पूरा करने के लिए पुलिस अधिकारी बने सारथी
_ एसडीओपी जितेंद्र पाठक दे रहे हैं पुलिस भर्ती की तैयारी के टिप्स
आशीष दीक्षित भोपाल। पुलिस की वर्दी पहनना हर युवा का सपना होता है। देश सेवा और गौरव की भावना से प्रेरित होकर युवा इस दिशा में जी-तोड़ मेहनत करते हैं, लेकिन अक्सर सही मार्गदर्शन के अभाव में उनका यह सपना अधूरा रह जाता है। विशेष रूप से शारीरिक दक्षता परीक्षा कई अभ्यर्थियों के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आती है। इस कठिन परीक्षा को पास करने में असफल रहने पर कई युवा हताश होकर अपने सपनों से पीछे हट जाते हैं। अब महकमे के आला अधिकारी युवाओं के लिए सारथी बन गए हैं और उम्मीद की नई किरण जलाई है।

ये अधिकारी हैं नर्मदापुरम एसडीओपी जितेंद्र पाठक, जो अपनी फिटनेस और सकारात्मक सोच के कारण पूरे पुलिस महकमे में “फिट कॉप” के नाम से मशहूर हैं। पाठक न केवल अपने कार्यों से बल्कि अपने जीवनशैली और मार्गदर्शन से भी युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं। भोपाल में भी लंबे समय तक सेवाएं दे चुके हैं।
यश भारत से खास चर्चा, फिटनेस गुरु बने एसडीओपी पाठक
ड्यूटी की व्यस्तता और जिम्मेदारियों के बावजूद एसडीओपी पाठक हर दिन कुछ समय युवाओं को फिजिकल टेस्ट की तैयारी सिखाने में लगाते हैं। वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से फिजिकल टेस्ट के टिप्स साझा करते हैं। हाल ही में उन्होंने आरक्षक भर्ती परीक्षा के लिए उपयोगी वीडियो साझा किए, जो युवाओं के बीच तेजी से वायरल हो रहे हैं। एसडीओपी पाठक ने यश भारत से विशेष चर्चा में बताया कि कई युवा बिना जानकारी के अभ्यास शुरू करते हैं, जिससे उन्हें कठिनाई होती है। इसीलिए मैं उन्हें सही तकनीक, अभ्यास विधि और डाइट प्लान बताता हूं ताकि वे अपने लक्ष्य तक आसानी से पहुंच सकें।

800 मीटर दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद पर फोकस
आरक्षक भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा में तीन प्रमुख इवेंट शामिल होते हैं — 800 मीटर दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद। पाठक युवाओं को इन तीनों इवेंट की बारीकियां समझाते हैं। वे बताते हैं कि हर इवेंट में सही तकनीक और अभ्यास का बड़ा महत्व है। अभ्यर्थी अगर शरीर की क्षमता के अनुरूप नियमित प्रशिक्षण करें, तो परीक्षा पास करना मुश्किल नहीं।
युवाओं के आदर्श बने “फिट कॉप”
एसडीओपी जितेंद्र पाठक आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं जो पुलिस की वर्दी पहनने का सपना देखते हैं। उनकी वीडियो क्लासेस और लाइव सत्रों ने न केवल युवाओं में जोश भरा है, बल्कि कई उम्मीदवारों ने उनकी सलाह से सफलता भी हासिल की है। युवाओं के बीच पाठक की लोकप्रियता इतनी है कि उन्हें लोग सच्चे मोटिवेशनल पुलिस ऑफिसर के रूप में जानते हैं। सोशल मीडिया पर उनके फिटनेस टिप्स हजारों युवाओं तक पहुंच रहे हैं।
“ मैं तो बस मामूली सा सवाल हूं साहिब…”
एसडीओपी जितेंद्र पाठक की शख्सियत पर यह पंक्ति बिल्कुल सटीक बैठती है — “मैं तो बस मामूली सा सवाल हूं साहिब, और लोग कहते हैं तेरा कोई जवाब नहीं।” पुलिस महकमे की वर्दी में रहकर समाज में सकारात्मक ऊर्जा भरना और युवाओं को सफलता की राह दिखाना — यही उन्हें भीड़ से अलग बनाता है।
आज फिटनेस और अनुशासन की मिसाल बने एसडीओपी जितेंद्र पाठक न केवल एक कुशल अधिकारी हैं, बल्कि उन असंख्य युवाओं के मार्गदर्शक भी हैं, जो पुलिस की वर्दी पहनकर देश सेवा का सपना संजोए बैठे हैं।







