भाजपा के ओबीसी मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष कहने पर पुलिस ने फंसाया: युवती ने एसपी से की शिकायत

जबलपुर, यशभारत। भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भगत सिंह कुशवाहा को लेकर एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। युवती का कहना है कि ओमती पुलिस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर उसकी कार में जिंदा और चले हुए कारतूस रखे जाने की कार्रवाई की है। इसकी निष्पक्ष जांच की जाए। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों ओमती पुलिस ने मातागुजरी कॉलेज के पास से एक कार बरामद की थी जिसमें जिंदा कारतूस और चले हुए कारतूस बरामद किए थे।
11 माह से परेशान कर रहा है पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
युवती ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपते हुए बताया कि ओबीसी मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बीते 11 माह से परेशान कर रहा है। उसका कहना है कि वह समझौता कर ले, ऐसा नहीं करने पर उसे और पूरे परिवार को फंसाया जा रहा है। युवती का कहना है कि 11 जनवरी की बात है जब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और उसके साथियों ने उसका पीछा किया वह सदर गार्डन से होते हुए मातागुजरी कॉलेज पहुंची जहां कार पार्क कर वह कॉलेज के अंदर घुस गई। इसके बाद मौका देखते ही वह कार छोड़कर घर आ गई। इसके बाद ओमती पुलिस ने मेरी कार जप्त कर थाने ले आई और मुझे बुलाया गया जिसके बाद कार की तालाशी ली गई जिसमें कारतूस रखे रहने की बात कही गई।
सामाजिक रूप से शादी करने से मुकर कर रहा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
पीडि़त युवती का कहना है कि बीजेपी ओबीसी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष से उसने गुपचुप तरीके से शादी की है। काफी समय से मैं सामाजिक रूप से शादी करने को बोल रही हूं लेकिन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शादी करने से इंकार कर रहा है। जब शादी का दबाव बनाया तो कहने लगा कि उसने कभी कोई शादी नहीं की है। इसके बाद उसने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई तब से लेकर आज तक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और उसके गुर्गे परेशान कर रहे हैं।
ओमती पुलिस ने फंसाया, पूरा परिवार परेशान, आत्महत्या कर लूंगी
युवती ने बताया कि ओमती पुलिस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के साथ मिलकर उसे फंसाया है। मेरे खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज कराकर परेशान किया जा रहा है। इसकी वजह से पूरा परिवार परेशान है, जहां उसके भाई काम करते हैं वहां पर राजनीतिक एप्रोच लगाकर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष परेशान कर रहा है। युवती का कहना है कि इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी।







