स्थगन की प्रक्रिया पर पेंशनर्स ने जताई आपत्ति

स्थगन की प्रक्रिया पर पेंशनर्स ने जताई आपत्ति
– 59 महीने के पेंशन एरियर्स के भुगतान की मांग
यश भारत, भोपाल। मध्य प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने पुनरीक्षित पेंशन के 59 महीने के एरियर्स के भुगतान में देरी को लेकर सरकार और वित्त विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। संगठन ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर लंबित भुगतान के आदेश जल्द जारी करने की मांग की है। एसोसिएशन के भोपाल जिला अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि पेंशनरों के हित में सरकार स्तर पर लिए गए निर्णयों के बावजूद उनका समय पर क्रियान्वयन नहीं हो पाया। संगठन ने अदालत के आदेश के बाद एरियर्स भुगतान से जुड़े मामलों में स्थगन लेने की प्रक्रिया शुरू किए जाने पर भी आपत्ति जताई है।
पूर्व निर्णय लागू करने की मांग
प्रदेश अध्यक्ष आमोद कुमार सक्सेना के अनुसार, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय मंत्रिपरिषद समिति ने पेंशनरों से जुड़े कई मामलों में निर्णय लिए थे। एसोसिएशन का दावा है कि इन निर्णयों के संबंध में शासन स्तर पर संकल्प भी पारित हुए और छत्तीसगढ़ सरकार से वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होने के बावजूद मध्य प्रदेश में उनका समय पर पालन नहीं हुआ। संगठन का कहना है कि प्रशासनिक देरी के कारण पेंशनरों को लंबे समय तक उनके वित्तीय लाभ से वंचित रहना पड़ा।
32 और 27 महीने के एरियर्स का मामला
एसोसिएशन के मुताबिक, छठवें वेतन आयोग से संबंधित 32 महीने और सातवें वेतन आयोग से जुड़े 27 महीने के पुनरीक्षित पेंशन एरियर्स के भुगतान को लेकर न्यायालय में मामले पहुंचे थे। संगठन का दावा है कि अदालत ने पेंशनरों के पक्ष में आदेश दिए। इसके बाद वित्त विभाग ने विभागाध्यक्षों, आयुक्तों और कलेक्टरों को न्यायालयीन मामलों में स्थगन आदेश प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
निर्णयों के अनुरूप भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए – संगठन के सचिव यशवंत सिंह बैस, संयुक्त सचिव शकुन्तला वर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि वरिष्ठ पेंशनरों को लंबी न्यायालयीन प्रक्रिया में उलझाने के बजाय सरकार को पूर्व में लिए गए निर्णयों के अनुरूप भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए। संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने भी पेंशनरों के आर्थिक हितों से जुड़े मामलों में प्रशासनिक देरी पर सवाल उठाए। एसोसिएशन ने सरकार से वित्त विभाग के निर्देशों की समीक्षा कर लंबित एरियर्स के भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की मांग की है।







