इंदौरकटनीग्वालियरजबलपुरदेश

मौत को दावत दे रहे खुले व जर्जर ट्रांसफॉर्मर बिजली विभाग की लापरवाही उजागर

शहर से ग्रामीण इलाकों तक खतरा बरकरार, हादसों की लंबी सूची; अफसरों के दावों और ज़मीनी हकीकत में भारी फर्क

मौत को दावत दे रहे खुले व जर्जर ट्रांसफॉर्मर बिजली विभाग की लापरवाही उजागर

शहर से ग्रामीण इलाकों तक खतरा बरकरार, हादसों की लंबी सूची; अफसरों के दावों और ज़मीनी हकीकत में भारी फर्क

आकाश पांडेय
जबलपुर, यशभारत। विद्युत वितरण कंपनी भले ही बेहतर विद्युत व्यवस्था का दावा करती हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। शहर से लेकर देहात तक जगह-जगह खुले, जर्जर और बिना कवच के ट्रांसफॉर्मर मौत का जाल बने हुए हैं। अफसरों की अनदेखी और फील्ड स्टाफकी लापरवाही के कारण करंट हादसे लगातार मासूमों की जान ले रहे हैं, लेकिन विभाग बेफिक्र दिखाई देता है।

1763372641 WhatsApp Image 2025 11 17 at 12.08.09 PM

 

भीड़-भाड़ वाले इलाकों में केबलिंग कार्य अधूरा- शहरी क्षेत्रों में 11 केवी लाइन को भूमिगत करने का निर्णय पिछले वर्ष लिया गया था। शुरुआती चरण में काम की गति ठीक रही, लेकिन बाद में प्रोजेक्ट कागज़ों में अटक गया। करोड़ों रुपये हर साल सुरक्षा मेंटेनेंस के नाम पर खर्च दिखाए जाते हैं, पर खतरे अब भी जस के तस मौजूद हैं।

1763372651 WhatsApp Image 2025 11 17 at 12.08.09 PM (1)

 

हादसे बता रहे असल स्थिति- नवरात्रि के तीसरे दिन बरगी हिल्स में करंट से दो मासूमों
की मौत, 16 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन में झूलती लाइन ने दो युवकों की जान ली, शांति नगर में करंट लगने से महिला की मौत (कुछ दिन पहले) बीते दिनों करंट लगने से चार भैंसों की मौत कई इलाकों में आज भी खुले, जर्जर, नो-कवच ट्रांसफॉर्मर सक्रिय खतरा बने हुए हैं
ग्रामीण इलाकों में भी बिजली व्यवस्था बेहाल ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कटौती और ओवरएज ट्रांसफॉर्मर बड़ी

समस्या हैं। विभाग दावा करता है कि कटौती नहीं होती, जबकि हकीकत पूरी तरह विपरीत है। हर साल नए ट्रांसफॉर्मर प्रस्तावित होते हैं, बजट भी स्वीकृत होता है, लेकिन ज़मीन पर न तो बदलाव दिखता है और न ही मरम्मत।

1763372659 WhatsApp Image 2025 11 17 at 12.08.09 PM (2)

 

लोगों की ज़िंदगी से सीधा खिलवाड़
बारिश, त्यौहार, भीड़ या सामान्य दिन हर समय बिजली लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों की
असुरक्षा बड़े हादसों को न्योता दे रही है। कई बार जनहित में शिकायतें भी की गईं, लेकिन ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं देती।

प्रश्नों के कटघरे में बिजली विभाग
मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये आखिर जा कहाँ रहे हैं? केबलिंग और सुरक्षा कार्य अधूरे क्यों पड़े हैं लगातार लापरवाही पर अब तक जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई।
आपके समाचार के द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं की तकनीकी समीक्षा करवाई जायेगी है। विभाग द्वारा शीघ्र ही जर्जर ट्रांसफॉर्मरों को बदलने तथा असुरक्षित विद्युत लाइनों को सुरक्षित करने की प्रक्रिया प्रारंभकर दी जाएगी। सुधार कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button