जबलपुरदेशमध्य प्रदेश

7 सितंबर को 3 घंटे 29 मिनट का होगा चंद्र ग्रहण

ज्योतिष आचार्य पंडित लोकेश व्यास

जबलपुर यशभारत। देश दुनिया में ग्रहण का विशेष महत्व होता है अमावस्या को पढ़ने वाला ग्रहण सूर्य ग्रहण और पूर्णिमा को पढ़ने वाला ग्रहण चंद्र ग्रहण कहलाता है ज्योतिष आचार्य पंडित लोकेश व्यास ने बताया इस वर्ष 7 सितंबर 2025 को पूर्णिमा को पूर्ण चंद्र ग्रहण पड़ा रहा है जिसे खग्रास चंद्र ग्रहण कहा जाता है चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा और मन के बीच में संबंध विच्छेद हो जाने के कारण मन एवं बुद्धि में समस्या उत्पन्न होती है भारत के साथ-साथ संपूर्ण यूरोप न्यू जीलैंड पश्चिमोत्तरी अमेरिका संपूर्ण एशिया के देश ऑस्ट्रेलिया में दिखाई देगा ग्रहण का स्पर्श कल 9:57 पर रात्रि प्रारंभ होगा ग्रहण 11:01 पर प्रारंभ होगा ग्रहण का मध्य 11:41 पर और 1:26 पर ग्रहण समाप्त हो जाएगा कुल मिलाकर ग्रहण का पर्व कल 3 घंटे 29 मिनट का है चंद्र ग्रहण में 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है इसीलिए 12:57 पर ग्रहण का सूतक प्रारंभ हो जाएगा पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र और कुंभ राशि पर ग्रहण है

चंद्र ग्रहण पूर्वाभाद्र नक्षत्र और कुंभ राशि पर है इसीलिए ग्रहण का विपरीत प्रभाव कुंभ राशि कर्क राशि सिंह राशि और मिथुन राशि पर पढ़ने जा रहा है कुछ राशियों के लिए ग्रहण ग्रहण औसत बाकी के लिए शुभ है मुख्य रूप से राहु केतु और शनि से संबंधित राशि वालों के लिए ग्रहण थोड़ा परेशानी भरा रह सकता है चुकी ग्रहण रविवार को भाद्रपद की पूर्णिमा और दक्षिणायन में हो रहा है इसीलिए चोरों के लिए ठगी करने वालों के लिए व्यापार में हेरा फेरी करने वालों के लिए और धोखा देने वाली प्रवृत्ति वालों के लिए अशुभ रहेगा ग्रहण में वर्जित कार्य भगवान की मूर्ति न छुए कोई भी शुभ काम करने से बचे सोने से बचें खाने से बचे ब्रह्मचर्य का पालन करें संबंध बनाने से बचें गर्भवती महिलाएं काटने छिलने तलने तेल लगाने और तनाव लेने से बचें क्योंकि 7 सितंबर 2025 को पूर्णिमा का महालय श्राद्ध भी है और इस दिन श्राद्ध काल में ग्रहण सूतक लगा रहेगा श्राद्ध शास्त्रों में ग्रहण काल में निषेध माने गए हैं लेकिन बिना पके हुए अन्य का दान किया जा सकता है चंद्र ग्रहण के बाद स्नान अन्न दान स्वर्ण दान गौ दान भूमि दान का बहुत अधिक महत्व होता है ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button