राष्ट्रीय ध्वज जलाने का मामला: नगर निगम और पुलिस अधिकारियों की लापरवाही अब तक जब्त नहीं हुए जले हुए राष्ट्रीय ध्वज

राष्ट्रीय ध्वज जलाने का मामला: नगर निगम और पुलिस अधिकारियों की लापरवाही अब तक जब्त नहीं हुए जले हुए राष्ट्रीय ध्वज
-पुलिस ने नौ घंटे बाद दर्ज किया केस,
भोपाल यशभारत।
राजधानी में नगर निगम कार्यालय के पास कचरा बताकर राष्ट्रीय ध्वज को जलाने के मामले में नगर निगम ही नहीं बल्कि पुलिस की ओर से भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहां एक ओर नगर निगम कार्यालय के पास राष्ट्रीय ध्वज को नगर निगम का कचरा बताकर जलाया गया, वहीं पुलिस को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने में नौ घंटे का वक्त लग गया। इतना ही नहीं पुलिस ने अब तक घटना स्थल का मुआयना कर जले व अधजले राष्ट्रीय ध्वज जब्त नहीं किए हैंं। जबकि मामला राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का है।
जानकारी के मुताबिक शाहपुरा गांव निवासी जयेन्द्र कोठारी पुत्र कमल कोठारी(35) प्राइवेट काम करता है। कल वह अपनी बेटी को लेकर स्कूटी से घर लौट रहा था। तभी दोपहर करीब एक बजे वह नगर निगम वार्ड कार्यालय 50 के पास से गुजर रहा था। तभी उसने वार्ड कार्यालय की दीवार के पास राष्ट्रीय ध्वजों को जलता हुआ देखा और आग बुझाई। इस दौरान वहां पर करीब 4-5 बंडलों को जलाया जा रहा था। किसी तहर जयेन्द्र कोठारी ने उन राष्ट्रीय ध्वजों को जलने से बचाया। इस पूरी घटना का सोशल मीडिया पर वीडिया वायरल हुआ था। जिसमें युवक वहां मौजूद लोगों से पूछ रहा है कि इन राष्ट्रीय ध्वजों को किसने जलाने को कहा, तभी किसी ने उसे बताया कि यह नगर निगम का कचरा है। जिसे जलाया जा रहा है। यह सुनते ही यजेन्द्र ने गुस्सा होते हुए बताया कि ये हमारे देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है। यहां पर भारी संख्या में राष्ट्रीय ध्वजों को जलाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि एक बंडल में करीत 50 से ज्यादा राष्ट्रीय ध्वज बंधे हुए थे।
जोन अध्यक्ष को नहीं पता अब तक क्या हुआ-
इस पूरे मामलें में नगर निगम के जोन 10 के अध्यक्ष बाबूलाल यादव को नहीं पता कि वार्ड 50 नगर निगम कार्यालय के पास राष्ट्रीय ध्वजों को किसने जलाया। उन्हें आम झंडे और राष्ट्रीय ध्वज में अंतर भी नहीं पता। जोन 10 के अध्यक्ष से जब राष्ट्रीप ध्वज को जलाने की घटना के बारे में पूछा गया तो उन्हें ने कहा कि झंडे जले हैं। हमने जोन अधिकारी को इस मामले की जांच सौंपी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाही को कहा है। हालांकि उन्होंने जिस जोन अधिकारी को निर्देश दिए हैं, उन्हें उस अधिकारी का नाम तक नहीं पता है।
पार्षद व एमआईसी मेंबर के रिश्तेदार की भूमिका संदिग्ध-
सूत्रों की माने तो वार्ड कार्यालय के पास राष्ट्रीय ध्वज को जलाने के मामले में वार्ड 50 की पार्षद और एमआईसी मेंबर सवीता बावीसा के एक करीबी रिश्तेदार की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर जलते हुए राष्ट्रीय ध्वज को बचाने का एक वीडियो वायरल हुआ है। उसमे राष्ट्रीय ध्वज को जलने से बचाने वाले युवक को एक युवक रोकने का प्रयास कर रहा है। वह युवक पार्षद व एमआईसी मेंबर बवीता का भांजा बताया जा रहा है। जब यशभारत ने उनसे इस संबंध में बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने कहा कि हमने एफआईआर दर्ज करा दी है। इस घटना का नगर निगम से कोई संबंध नहीं है। जबकि एफआईआर जयेन्द्र कोठारी की ओर से दर्ज की गई है।
पुलिस का रवैया भी लापरवाह-
इस पूरे मामले में राष्ट्रीय ध्वज को जलाने का मामला सोशल मीडिया पर वीडियो के माध्यम से वॉयरल हुआ। इस लेकिन इस घटना की जानकारी शाहपुरा पुलिस को नहीं लगी। पुलिस न तो घटना स्थल पर पहुंची और नहीं जले व अधजले राष्ट्रीय ध्वज जब्त की। पुलिस को इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज करने में नौ घंटे का समय लगा। इस दौरान कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय ध्वज को जलाने व अपमान के मामले में थाना पहुंच कर विरोध किया। रात करीब नौ बजे पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने जले हुए राष्ट्रीय ध्वज जब्त नहीं किए हैं। थाना प्रभारी लोकेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि मैं शहर से बाहर था, मुझे नहीं पता कि जले हुए राष्ट्रीय ध्वज जब्त किए गए हैं या नहीं।
इनका कहना है-
राष्ट्रीय ध्वज को जलाने का मामला मीडिया के माध्यम से मेरे संज्ञान में आया है। घटना के दिन मैं शहर से बाहर था। इस पूरे मामले में दोषी के खिलाफ कार्रवाही जरूर की जाएगी।
किशन सूर्यवंशी, अध्यक्ष नगर निगम भोपाल







