एमपी स्टेट बार काउंसिल चुनाव वकीलों की सुविधाओं और अधिकारों पर फोकस
MP State Bar Council elections focus on facilities and rights of lawyers

एमपी स्टेट बार काउंसिल चुनाव वकीलों की सुविधाओं और अधिकारों पर फोकस
भोपाल, यश भारत। मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल के आगामी चुनाव को लेकर प्रदेशभर में राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी अधिवक्ताओं के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए वकीलों की सुविधाओं, अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को चुनावी एजेंडे का केंद्र बना रहे हैं। प्रत्याशियों का कहना है कि प्रदेश में जिला और तहसील स्तर के न्यायालय परिसरों में अधिवक्ताओं को मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक संसाधनों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में चुनाव जीतने के बाद अधिवक्ताओं की समस्याओं को शासन और प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाने का आश्वासन दिया जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान युवा अधिवक्ताओं की आर्थिक परेशानियां भी प्रमुख मुद्दा बनी हुई हैं। प्रत्याशियों का कहना है कि नए वकीलों को शुरुआत में आर्थिक संकट से गुजरना पड़ता है। इसे देखते हुए सहायता राशि और विशेष योजनाओं के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयास किए जाएंगे। सामूहिक बीमा योजना और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी कई वादे किए जा रहे हैं। प्रत्याशियों ने कहा कि सभी अधिवक्ताओं को बीमा योजना से जोड़ने और 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा। साथ ही अधिवक्ताओं को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने के लिए कानून मंत्री और शासन स्तर पर चर्चा करने की बात कही गई। टोल टैक्स का मुद्दा भी चुनावी चर्चाओं में शामिल है। प्रत्याशियों का कहना है कि अधिवक्ताओं को विभिन्न न्यायालयों और हाईकोर्ट में पेशियों के लिए लगातार यात्रा करनी पड़ती है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार से चर्चा कर राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा। महिला अधिवक्ताओं के प्रतिनिधित्व को लेकर भी प्रत्याशियों ने अपनी प्रतिबद्धता जताई है। उनका कहना है कि महिला वकीलों को लगभग 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व और अधिकार मिलना चाहिए तथा उनकी सुरक्षा और हितों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।







