एमपी हनीट्रैप पार्ट-2: फिर एक्टिव हुआ ब्लैकमेल गैंग, शराब कारोबारी को बनाया निशाना
जबलपुर,यशभारत

एमपी हनीट्रैप पार्ट-2: फिर एक्टिव हुआ ब्लैकमेल गैंग, शराब कारोबारी को बनाया निशाना
जबलपुर,यशभारत। मध्य प्रदेश का चर्चित हनीट्रैप मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। साल 2019 में प्रदेश की राजनीति और नौकरशाही में भूचाल लाने वाले इस कांड की मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन का नाम अब नए ब्लैकमेलिंग रैकेट में सामने आया है। इंदौर क्राइम ब्रांच ने श्वेता जैन समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि गैंग ने एक शराब कारोबारी को निजी फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, इस नए मामले में श्वेता जैन के साथ अलका दीक्षित, उसका बेटा जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लखन चौधरी और इंटेलिजेंस विंग का एक हेड कांस्टेबल भी शामिल है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सात दिन की रिमांड मंजूर हुई है। क्राइम ब्रांच अब गैंग के पुराने नेटवर्क और नए कनेक्शन खंगाल रही है।
गौरतलब है कि 2019 में सामने आए एमपी हनीट्रैप कांड में कई बड़े अफसरों, नेताओं और कारोबारियों को महिलाओं के जरिए फंसाकर वीडियो बनाए गए थे। बाद में उन्हीं वीडियो के आधार पर करोड़ों रुपये की उगाही की जाती थी। जांच एजेंसियों को उस समय हजारों वीडियो क्लिप, चैट और ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली थीं, जिसने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। सूत्रों की मानें तो इस बार भी गैंग का तरीका पुराना ही था — पहले दोस्ती, फिर निजी मुलाकातें और उसके बाद वीडियो के जरिए दबाव बनाकर वसूली। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह नेटवर्क पहले की तरह बड़े स्तर पर दोबारा सक्रिय हो चुका है या फिर यह सिर्फ एक अलग ब्लैकमेलिंग केस है।इधर, मामले के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है कि इतने बड़े कांड के मुख्य आरोपी दोबारा कैसे सक्रिय हो गए। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ होगी।







