पुलिस लाइन नेहरू नगर में सजा दीयों और पारंपरिक कला का संसार, पुलिस परिवार की 1100 से अधिक महिलाओं ने की गरबा महा-आरती

पुलिस लाइन नेहरू नगर में सजा दीयों और पारंपरिक कला का संसार, पुलिस परिवार की 1100 से अधिक महिलाओं ने की गरबा महा-आरती
भोपाल, यशभारत। त्योहारों की उमंग और पारिवारिक सौहार्द के बीच राजधानी की पुलिस लाइन, नेहरू नगर इस वक्त अनूठे सांस्कृतिक उल्लास का गवाह बनी हुई है। मौका है पुलिस मुख्यालय की कल्याण शाखा के सौजन्य से आयोजित मध्यप्रदेश पुलिस गरबा महोत्सव का, जहां खाकी की सख्त अनुशासनिक छवि से परे कला, संस्कृति और मातृत्व का एक बेहद खूबसूरत और भावनात्मक संगम देखने को मिल रहा है।
महोत्सव के भव्य शुभारंभ पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने मां अम्बे की पावन आरती उतारकर इस सांस्कृतिक उत्सव का औपचारिक आगाज़ किया। इस अवसर पर उनके साथ सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना, सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी जी.पी. सिंह, विशेष पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री चंचल शेखर,सोलोमन यश कुमार मिंज और पुलिस आयुक्त संजय कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी अपने परिजनों के साथ मौजूद रहे। डीजीपी श्री मकवाणा ने एक अभिभावक की भूमिका निभाते हुए पुलिस परिवारों को नवरात्रि और दशहरे की आत्मीय शुभकामनाएं दीं।
इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण पुलिस परिवार की महिलाओं और युवा बच्चियों की अभूतपूर्व सहभागिता रही। भोपाल जिला पुलिस बल के साथ-साथ 7वीं, 23वीं और 25वीं वाहिनी से जुड़ी 1100 से अधिक प्रतिभागियों ने पारंपरिक परिधानों में सजे होकर जब फिल्मी और धार्मिक धुनों पर गरबा प्रस्तुतियां दीं, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। माताओं और बेटियों के चेहरों पर झलकता उत्साह देखकर दर्शक भी खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए।
वरिष्ठ अधिकारियों की मंशा के अनुरूप पुलिस लाइन नेहरू नगर में यह आयोजन पिछले पाँच वर्षों से लगातार बेहद सफल रूप में किया जा रहा है। दिन-रात कानून-व्यवस्था संभालने और जनता की सुरक्षा में मुस्तैद रहने वाले पुलिस बल के लिए यह आयोजन किसी वरदान से कम नहीं है। यह मंच न केवल पुलिसकर्मियों के परिवारों को एक स्वस्थ मनोरंजन और अपनेपन का अहसास कराता है, बल्कि बल के भीतर आपसी भाईचारे, आत्मीयता और एक सकारात्मक पारिवारिक माहौल को भी सुदृढ़ करता है। सांस्कृतिक रंगों में रंगे इस पांच दिवसीय महाउत्सव का समापन आज यानी 17 अक्टूबर को रात्रि 10 बजे भव्य रूप से किया जाएगा।







