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‘मिशन संतोष’ सत्ता-संगठन में समन्वय प्रशासन और पार्टी सक्रिय – सीएस की वीसी बैठक इधर संगठन का मंथन

‘मिशन संतोष’ सत्ता-संगठन में समन्वय
प्रशासन और पार्टी सक्रिय – सीएस की वीसी बैठक इधर संगठन का मंथन

आशीष शुक्ला, भोपाल यशभारत। हाल के दिनों में प्रदेश की राजनीति में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां प्रदेश अध्यक्ष के लिए हेमंत खंडेलवाल का नाम सामने आया, जिसने अलग संदेश दिया। वहीं मुख्य सचिव को सेवाकाल वृद्धि तो मिली लेकिन वह छह माह की जगह एक साल हुई जो की चौंकाने वाली थी। एक सिंतबर का दिन भोपाल में ठंडी फुहारों के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक तपन पैदा कर रहा था। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी एल संतोष भोपाल में सत्ता और संगठन के बीच सामंजस्य जमाते नजर आये वहीं दूसरी तरफ दूसरी पारी की शुरुआत कर रहे मुख्य सचिव ने भी बैठकों के माध्यम से प्रशासनिक कसावट का काम शुरू कर दिया।
शुरू हुई मैराथन बैठके
कहा जा रहा है की विगत 15 दिनों से जो कार्य लंबित थे उसे मुख्यसचिव अनुराग जैन ने निबटाना शुरू कर दिया है। उन्होंने सुबह से प्रमुख सचिवों के साथ बैठक की, उसके बाद उसके बाद आयुक्तों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात करी। वे आज मंगलवर को जिला कलेक्टर की मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के मध्यम से लेंगे।
बदल सकते हैं जिला अध्यक्ष
वहीं प्रदेश में मौजूद बी एल संतोष द्वारा भाजपा के कुछ प्रमुख नेताओं से मुलाकात की गई , जो पूर्व में प्रमुख पदों पर रहे हैं। यह कभी सत्ता और संगठन की धुरी माने जाते रहे हैं लेकिन उनकी कार्य प्रणाली को लेकर समझाईश दी गई और पार्टी के निर्णयों को सर्वमान्य बताया गया। साथ ही साथ पूर्व में हुई कुछ जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर भी एक बड़े नेता से बात की गई और उनमें परिवर्तन को लेकर उन्हें इशारा कर दिया गया। साथ ही साथ निगम मंडलों में होने जा रही नियुक्तियों के विषय में दिल्ली से आये नामो की जानकारी भी दी।
कुछ विधायकों पर भी कसेगी की लगाम
जानकारी के मुताबिक कुछ ऐसे विधायकों के नामों पर भी संगठन में चर्चा हो रही है जो की कहीं ना कहीं पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर काम करते हैं या फिर वे विवादित भी रहे हैं। जिसके चलते उन्हें सत्ता और संगठन से दुरी बनाने को लेकर भी बातें कही जा रही हैं । जिसमें कुछ महाकोशल और बुंदेलखंड के विधायकों के साथ-साथ मंत्रियों के भी नाम सामने आ रहे है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है की बीएल संतोष का यह पूरा मिशन सत्ता संगठन के साथ-साथ अनुशासन की भी एक लकीर खिंच रहा है। जो सत्ता की गलियारों में गर्मी पैदा कर रहा है। अब देखना होगा कि अपनी दूसरी पारी में मुख्य सचिव का पहला दिन और बीएल संतोष का भोपाल प्रवास भविष्य की क्या नई तस्वीर बनाता है।
शिवराज मोहन की मुलाकत के भी मायने – राजनीतिक नियुक्तियों के बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की।मध्यप्रदेश में जल्द ही निगम मंडलों में नियुक्ति होनी है, जिसको लेकर बी एल संतोष द्वारा मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की गई और उनके जाने के ठीक बाद केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात करने पहुंचे। अब इसको लेकर भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। जिस को नियुक्तियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है साथ ही साथ केंद्र -राज्य में समन्वय की भी बातें कही जा रही थी।

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