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51 क्विंटल फूलों से सजा केदारनाथ धाम, कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़; चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ

श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य

उत्तराखंड | केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके साथ ही चारधाम यात्रा 2026 का औपचारिक शुभारंभ हो गया। कपाट खुलते ही देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और बाबा केदार के जयकारों से पूरा धाम गूंज उठा। इससे पहले गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर खोल दिए गए थे।

इस बार केदारनाथ मंदिर को 51 क्विंटल ताजे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। खासतौर पर गेंदे के रंग-बिरंगे फूलों से सजे मंदिर ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। फूलों की सजावट से मंदिर परिसर दिव्यता और आस्था के अनूठे संगम का प्रतीक बन गया। कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दर्शन के लिए लगी रहीं और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहा।

कपाट खुलने के अवसर पर पुष्कर सिंह धामी अपनी पत्नी गीता धामी के साथ धाम में मौजूद रहे। उन्होंने चारधाम यात्रा के शुभारंभ पर श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आने वाले सभी यात्रियों की यात्रा बाबा केदार की कृपा से सुखद और मंगलमय हो। उन्होंने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

यात्रा से पहले रखें इन जरूरी बातों का ध्यान

केदारनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी यात्री को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं, वहीं हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। यात्रा के दौरान आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र साथ रखना जरूरी है।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और सुरक्षित यात्रा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही उत्तराखंड में पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

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