जबलपुर के अफसर की काली कमाई का भोपाल बना ठिकाना, लोकायुक्त के छापों से मचा हड़कंप

जबलपुर के अफसर की काली कमाई का भोपाल बना ठिकाना, लोकायुक्त के छापों से मचा हड़कंप
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त संगठन की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने एक बार फिर इस गंभीर सच को उजागर कर दिया है कि राजधानी भोपाल किस तरह भ्रष्ट अधिकारियों के लिए अवैध कमाई और ब्लैक मनी को खपाने का सबसे सुरक्षित गढ़ बनता जा रहा है। जबलपुर में पदस्थ वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में पड़े छापों के बाद अब पूरा फोकस भोपाल की रियल एस्टेट मार्केट पर आ टिकाहै।
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि आरोपी अधिकारी और उनके परिजनों के नाम पर भोपाल के प्राइम और महंगे लोकेशन्स में अकूत अचल संपत्तियां और आलीशान ठिकाने खड़े किए गए हैं। लोकायुक्त के अनुसार, आरोपी अधिकारी की पत्नी निधि जैन के नाम पर राजधानी में 180 वर्गमीटर जमीन पर एक बना-बनाया शानदार बंगला और एक फ्लैट मौजूद है। इसके अलावा, पत्नी के नाम पर ही 402.41 वर्गमीटर का एक अन्य बड़ा भूखंड भी दर्ज पाया गया है। इन खुलासों ने यह साबित कर दिया है कि किस प्रकार सरकारी पदों की आड़ में कमाए गए अवैध धन को भोपाल के प्रॉपर्टी बाजार में सुरक्षित किया जा रहा है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी अधिकारी की कुल वैध आय महज 1.03 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि उनके द्वारा 3.78 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह भारी-भरकम खर्च उनकी कुल वैध आय का 264.64 प्रतिशत है। केवल जमीन-जायदाद ही नहीं, बल्कि महंगे वाहन और परिवार के नाम पर 33.93 लाख रुपये की भारी-भरकम बीमा पॉलिसियां यह बताने के लिए काफी हैं कि किस स्तर पर विलासिता का जीवन जिया जा रहा था।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले के निर्देशन और निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई के बाद भोपाल के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में यह सुगबुगाहट तेज हो गई है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा बढ़ने पर राजधानी में छिपी कई अन्य बेनामी संपत्तियों और चेहरों से भी पर्दा उठ सकता है।






