प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 132वी मन की बात में खेल, युवा शक्ति और जल संरक्षण पर बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 132वी मन की बात में खेल, युवा शक्ति और जल संरक्षण पर बोले पीएम मोदी
यश भारत भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के 132वें एपिसोड में देश के विभिन्न मुद्दों और प्रेरणादायक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने खेल उपलब्धियों, युवाओं की भूमिका, जल संरक्षण, योग और पारंपरिक शिक्षा जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीता महीना खेल प्रेमियों के लिए उत्साह से भरा रहा। आईसीसी मेंस t20 में भारत की ऐतिहासिक जीत ने पूरे देश को गौरवान्वित किया। वहीं, रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर की टीम की पहली खिताबी जीत को उन्होंने विशेष उपलब्धि बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के एथलीट गुलवीर सिंह की सराहना करते हुए कहा कि न्यू यॉर्क सिटी गल्फ मैराथन में तीसरा स्थान हासिल कर उन्होंने इतिहास रचा और एक घंटे से कम समय में हाफ मैराथन पूरी करने वाले पहले भारतीय बने। योग को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि इंटरनेशनल डे आफ योगा और दुनियाभर में इसके प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने अफ्रीकी देश जिबूती में योग को बढ़ावा देने वाले प्रयासों की भी सराहना की।
मछुआरों के जीवन को आसान बनाने के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बंदरगाह विकास, बीमा और तकनीक के जरिए उनकी मदद की जा रही है, जिससे समुद्र में काम करना पहले से सुरक्षित और सुगम हुआ है।
जल संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि अमृत सरोवर अभियान के तहत देशभर में करीब 70 हजार सरोवर बनाए जा चुके हैं। गांव गांव में जल सहेजने और पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन के प्रयास तेज हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने नागा जनजातियों की पारंपरिक मोरूंग शिक्षा प्रणाली का भी उल्लेख किया जिसमें बुजुर्गों के अनुभव से बच्चों को जीवन कौशल, इतिहास और परंपराओं की शिक्षा दी जाती है। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार का उदाहरण देते हुए उन्होंने बेंगलुरु की एक टीम द्वारा संचालित प्रयोग इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन रिसर्च का जिक्र किया जो स्कूल स्तर पर विज्ञान को लोकप्रिय बनाने का काम कर रही है। अंत में पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और युवाओं की भागीदारी राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रही है। मेरा युवा भारत MY भारत संगठन इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।







