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हंतावायरस ने बढ़ाई चिंता, स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट पर

क्रूज शिप पर तीन मौतों के बाद जारी हुई एडवाइजरी, यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बाद अब दुनिया में हंतावायरस को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। अर्जेंटीना से केप वर्डे जा रहे एक क्रूज शिप पर इस संक्रमण से तीन लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। बताया जा रहा है कि यह वायरस मुख्य रूप से चूहों के संपर्क से फैलता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल आम लोगों के लिए घबराने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है।

उड़ानों पर फिलहाल कोई प्रतिबंध नहीं

हंतावायरस को लेकर अब तक किसी भी देश ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक नहीं लगाई है। केप वर्डे, कैनेरी आइलैंड्स और दक्षिण अफ्रीका के लिए फ्लाइट सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं। एयरपोर्ट्स पर अतिरिक्त स्क्रीनिंग या यात्रा प्रतिबंध भी लागू नहीं किए गए हैं।

इन यात्रियों को विशेष निगरानी की सलाह

स्वास्थ्य एजेंसियों ने अर्जेंटीना, चिली और एंडीज क्षेत्र से लौटे यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही MV Hondius क्रूज शिप पर यात्रा कर चुके लोगों को 45 दिनों तक अपने स्वास्थ्य की निगरानी करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यही इस वायरस की अधिकतम इन्क्यूबेशन अवधि मानी जाती है।

सेल्फ आइसोलेशन की भी सलाह

प्रभावित जहाज के कुछ यात्रियों और क्रू मेंबर्स को अपने देश लौटने के बाद सेल्फ आइसोलेशन में रहने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य एजेंसियां कुछ विशेष फ्लाइट्स के यात्रियों की भी पहचान कर रही हैं, जिनमें जोहान्सबर्ग से 25 अप्रैल को रवाना हुई KLM फ्लाइट KL592 शामिल है।

क्या हैं बचाव के उपाय?

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को यात्रा से पहले ट्रैवल एडवाइजरी और WHO की गाइडलाइन देखने की सलाह दी है। फ्लाइट के दौरान हाथों की साफ-सफाई बनाए रखने, खांसते-छींकते समय मुंह ढकने और जरूरत पड़ने पर मास्क पहनने को कहा गया है। यदि बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

टिकट कैंसिलेशन पर क्या स्थिति?

फिलहाल यात्रा पर कोई सरकारी प्रतिबंध लागू नहीं किया गया है, इसलिए अधिकांश एयरलाइंस मुफ्त टिकट कैंसिलेशन या रीबुकिंग सुविधा नहीं दे रही हैं। विशेषज्ञों ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा से पहले अपने ट्रैवल इंश्योरेंस में हेल्थ इमरजेंसी और ‘कैंसल फॉर एनी रीजन’ (CFAR) कवर की जांच जरूर कर लें।

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