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भूपेश बघेल के पूर्व निज सचिव केके चंद्रवंशी के घर ईडी का छापा, सुबह-सुबह पहुंची टीम

आवास में दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच

भिलाई, यशभारत। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में उनके निज सचिव रहे केके चंद्रवंशी के भिलाई-3 स्थित विश्व बैंक कॉलोनी के आवास पर मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापा मारा। दो वाहनों से पहुंचे ईडी अधिकारियों ने घर में तलाशी शुरू की। कार्रवाई की सूचना फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ईडी की टीम आवास में दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच कर रही है। हालांकि, तलाशी किस प्रकरण से जुड़ी है और अधिकारी किन दस्तावेजों अथवा वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रहे हैं, इसका आधिकारिक विवरण अभी सामने नहीं आया है। तलाशी पूरी होने के बाद ही कार्रवाई का पूरा कारण स्पष्ट हो सकेगा। 
केके चंद्रवंशी के आवास पर ईडी की कार्रवाई को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक और प्रशासनिक दायरे से जुड़े कई लोगों तक पहुंची है। वर्ष 2023 में ईडी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा और उनके दो ओएसडी के परिसरों पर भी तलाशी ली थी। उस समय यह कार्रवाई ऑनलाइन सट्टेबाजी और कथित मनी लांड्रिंग से जुड़ी जांच के संदर्भ में बताई गई थी। 
वर्ष 2025 में शराब घोटाले की मनी लांड्रिंग जांच के सिलसिले में ईडी ने भिलाई स्थित भूपेश बघेल के आवास पर भी तलाशी ली थी। 18 जुलाई 2025 को हुई इस कार्रवाई के बाद उनके बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने कथित 2,100 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में कार्रवाई की थी। 
जांच के दौरान पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, कारोबारी अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और आईटीएस अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी समेत कई नाम जांच के दायरे में आए। सितंबर 2025 में ईडी ने चैतन्य बघेल के खिलाफ 7,039 पन्नों की अभियोजन शिकायत भी दाखिल की थी। 
ईडी की जांच का एक प्रमुख मामला कथित कोयला लेवी प्रकरण भी रहा है। भूपेश बघेल की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया इस मामले में ईडी और आयकर विभाग की जांच के दायरे में रही हैं। ईडी ने उनकी करीब 39 करोड़ रुपये मूल्य की 29 संपत्तियां अटैच की थीं। बाद में आयकर विभाग ने भी 16 अन्य संपत्तियों को कार्रवाई के दायरे में लिया था। हालांकि, अलग-अलग मामलों में एजेंसियों ने वित्तीय अनियमितताओं और मनी लांड्रिंग के आरोपों की जांच की है। इसलिए यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि सभी कार्रवाई केवल भूपेश बघेल से संबंध के आधार पर हुई है। फिलहाल केके चंद्रवंशी के आवास पर तलाशी जारी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अधिकारियों को क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली और तलाशी सीधे तौर पर किस मामले से संबंधित है।

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