आयुष इंटर्न्स के स्टाइपेंड में सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग , आयुष मंत्रालय के अधिकारियों से मिला प्रतिनिधिमंडल, ₹21,500 स्टाइपेंड करने की मांग

आयुष इंटर्न्स के स्टाइपेंड में सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग
अभाविप पदाधिकारियों के साथ आयुष मंत्रालय के अधिकारियों से मिला प्रतिनिधिमंडल, ₹21,500 स्टाइपेंड करने की मांग
भोपाल यश भारत। मध्यप्रदेश के विभिन्न शासकीय आयुष महाविद्यालयों में अध्ययनरत इंटर्न विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने स्टाइपेंड की राशि में सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग को लेकर आयुष मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी एवं जिज्ञासा के प्रांत संयोजक अतुल पटले प्रमुख रूप से शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखते हुए बताया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश के आयुष इंटर्न्स को 9383 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। विद्यार्थियों का कहना है कि वर्तमान महंगाई और दैनिक आवश्यकताओं को देखते हुए यह राशि पर्याप्त नहीं है। प्रतिनिधिमंडल ने अन्य राज्यों में दिए जा रहे स्टाइपेंड का हवाला देते हुए मध्यप्रदेश में भी आयुष इंटर्न्स के स्टाइपेंड में उचित वृद्धि किए जाने की मांग की।

इंटर्न विद्यार्थियों ने अपनी प्रमुख मांग रखते हुए स्टाइपेंड की राशि बढ़ाकर 21,500 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की है। विद्यार्थियों ने भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग की फरवरी 2022 की राजपत्र अधिसूचना भाग 3 खंड 4 विनियम 15(B) का भी उल्लेख किया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, अधिसूचना में प्रशिक्षणार्थी वेतन को अन्य चिकित्सा प्रणालियों के समकक्ष रखने तथा चिकित्सा प्रणालियों के बीच विसंगति नहीं होने का प्रावधान किया गया है।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से मांग की कि विद्यार्थियों की समस्या पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए स्टाइपेंड वृद्धि से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाए। विद्यार्थियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर समयबद्ध और सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।
अभाविप के प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि आयुष इंटर्न्स स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मांग पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए स्टाइपेंड वृद्धि के संबंध में जल्द निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया तो छात्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।







