कब्र से निकाली जा रही दीपक की लाश; संदिग्ध मौत के बाद ‘चौहानी श्मशान’ में दफन हुआ था राज, अब खुलेगा सच

जबलपुर यश भारत । शहर के चौहानी श्मशान घाट में आज भारी गहमागहमी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में एक युवक की लाश को कब्र खोदकर बाहर निकाला जा रहा है। यह पूरी कवायद उस मौत का सच जानने के लिए की जा रही है, जिसे पहले सामान्य समझकर दफना दिया गया था, लेकिन अब परिजनों के द्वारा हत्या की आशंका जताई जा रही है।
लापता होने से मौत तक का घटनाक्रम
इस खौफनाक दास्तां की शुरुआत 18 तारीख की रात 9 बजे हुई, जब दीपक नाम का युवक घर नहीं लौटा। परिजनों ने तुरंत अधारताल थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस और घरवालों ने रात भर खोजबीन की, तो घमापुर स्थित पानी की टंकी और पेट्रोल पंप के सामने दीपक की लावारिस गाड़ी बरामद हुई, जिससे किसी अनहोनी का डर सताने लगा।
स्नेह नगर में मिली लाश और 108 का सायरन
अगले ही दिन, 19 तारीख को दीपक का शव स्नेह नगर इलाके में बरामद हुआ। बदहवास परिजन उसे लेकर 108 एम्बुलेंस के जरिए विक्टोरिया अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चूंकि उस वक्त मौत का कारण स्पष्ट नहीं था और परिवार सदमे में था, इसलिए 20 तारीख को रीति-रिवाजों के अनुसार दीपक को चौहानी श्मशान घाट में दफना दिया गया।
भाई के खुलासे ने पलटा पूरा मामला
मृतक के भाई दिलीप सिंह ने अब इस मामले में गंभीर दावे किए हैं। भाई का कहना है कि दीपक की मौत प्राकृतिक नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई गहरी साजिश या वारदात छिपी है। दिलीप की शिकायत और संदेह के आधार पर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू की और मजिस्ट्रेट की अनुमति के बाद आज लाश को कब्र से निकालने का फैसला लिया गया।
यहाँ इस पूरी घटना का संक्षिप्त और स्पष्ट विवरण है:
शिनाख्त के फेर में पुलिस ने दफनाया शव
18 तारीख को दीपक लापता हुआ और उसकी गाड़ी पेट्रोल पंप के पास मिली। 19 तारीख को वह गंभीर हालत में मिला, जहाँ विक्टोरिया अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि उस वक्त शिनाख्त न होने और शव के Decompose की वजह से डॉक्टरों की सलाह पर उसे लावारिस मानकर दफना दिया गया था।बाद में मृतक के भाई दिलीप सिंह ने उसकी पहचान की और मौत पर संदेह जताया। परिजनों की मांग पर आज प्रशासन की मौजूदगी में शव को कब्र से निकाला जा रहा है







