भोपाल

वसूली के मामले में पहले भी निलंबित हुआ आरक्षक शैलेन्द्र रावत -अलग-अलग थानों से हटाए जाने के बाद क्राइम ब्रांच में हुई थी तैनाती

वसूली के मामले में पहले भी निलंबित हुआ आरक्षक शैलेन्द्र रावत
-अलग-अलग थानों से हटाए जाने के बाद क्राइम ब्रांच में हुई थी तैनाती

भोपाल, यशभारत। राजधानी की क्राइम ब्रांच में पदस्थ चार पुलिसकर्मियों को बिना सूचना के दूसरे स्थान पर दबिश देने के बाद अनुशासन हीनता मानते हुए निलंबित किया गया है।   इन चार पुलिस आरक्षकों में से एक आरक्षक पूर्व में भी वसूली के चलते कई बार गाज गिर चुकी है। फिर भी बार-बार अनुसाशन तोडऩे वाले पुलिसकर्मी को क्राइम ब्रांच में तैनाती मिल गई थी। अब पुलिस अधिकारी पूरे मामले की पड़ताल कर रहे हैं।
डीसीपी क्राइम ब्रांच अखिल पटेल ने कल रात क्राइम ब्रांच में पदस्थ आरक्षक शैलेन्द्र रावत, सतेन्द्र, सुशील सिंह और आलोक मिश्रा को अनुसाशन हीनता का दोषी मानते हुए तत्काल निलंबित कर दिया। जानकारी के मुताबिक पुलिस अधिकारियों को सूचना मिली थी कि शैलेन्द्र रावत समेत अन्य पुलिस आरक्षक बिना रोजनामचा में रिपोर्ट डाले और अपने वरिष्ठ अधिकारी से सूचना दिए बिना ही शहर के विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रहे हैं। चारों पुलिसकर्मियों ने शुक्रवार को दबिश दी थी, इसके बाद रोजनामचा में सूचना दर्ज हुई थी। इस मामले के सामने आने के बाद चारों पुलिसकर्मियों का ड्यूटी के दौरान संदिग्ध आचरण पाया गया। जिसके कारण उन पर गाज गिरी है। पुलिस अधिकारी क्राइम ब्रांच में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी पर काम कर रहे हैं, किसी भी पुलिसकर्मी के संदिग्ध आचरण पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
आरक्षक शैलेन्द्र रावत पर पहले भी गिर चुकी है गाज-
सूत्र बताते हैं कि कल संदिग्ध आचरण के चलते निलंबित हुए चारों पुलिस अरक्षकों में से आरक्षक शैलेन्द्र रावत पर उसकी कारगुजारियों के चलते पहले भी गाज गिर चुकी है। उस पर थाना तलैया, कोतवाली और थाना टीलाजमालपुर में पदस्थ रहते हुए जुए के मामलों में, तलैया के कंजर ढेरे में बिक रहे गांजे में वसूली, महीना वसूली, जुआरियों से साठगांठ के चलते कई बार लाइन अटैल और निलंबित किया जा चुका है। इसके बावजूद आरक्षक शैलेन्द्र रावत को क्राइम ब्रांच में तैनाती मिल गई।

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