संस्कारधानी एमयूएन में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा,प्रतिभाओं को दिए प्रमाण पत्र और पुरस्कार
दो दिवसीय आयोजन में महाभारत, संसद भवन और आईपीएल सहित हुए अलग-अलग सत्र

जबलपुर, यश भारत। संस्कारधानी एमयूएन के दो दिवसीय आयोजन में बच्चों ने संवाद, नेतृत्व और अपनी बात रखने की क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में अलग-अलग विषयों और प्रारूपों पर आधारित सत्र आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

17-18 साल के बच्चों ने किया आयोजन
शौर्य सोनकर की मां प्रियदर्शिका सोनकर ने कहा कि महज 17-18 वर्ष की उम्र में बच्चों ने जिस तरह एमयूएन का आयोजन किया, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि बच्चों ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। महाभारत, संसद भवन और आईपीएल सहित अलग-अलग सत्रों में बच्चों ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बेटे और उसकी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एमयूएन की यह शुरुआत आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे, यही कामना है।


संस्कारधानी के नाम को किया सार्थक
अयांश श्रीवास्तव की मां अनामिका श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों ने मिलकर इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की, जिसकी कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि बच्चों ने संस्कारधानी के नाम को सार्थक करते हुए संस्कारों के साथ दो दिवसीय आयोजन को सफल बनाया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को बधाई दी।
कार्यक्रम में यश भारत के संस्थापक आशीष शुक्ला अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। उन्होंने प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। आयोजन में बच्चों की रचनात्मकता, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता की सराहना की गई।







