दतिया में उपचुनाव की आहट: राजेंद्र भारती की याचिका पर सुनवाई टली, अब 15 अप्रैल पर टिकी नजरें

दतिया में उपचुनाव की आहट: राजेंद्र भारती की याचिका पर सुनवाई टली, अब 15 अप्रैल पर टिकी नजरें
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल पहुंचे डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास; बंद कमरे में हुई घंटों चर्चा
भोपाल, यशभारत। दतिया विधानसभा सीट को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। बैंक धोखाधड़ी मामले में सजायाफ्ता राजेंद्र भारती की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई टलने के बाद अब सबकी निगाहें 15 अप्रैल पर टिक गई हैं। इस कानूनी दांव-पेंच के बीच भोपाल में सियासी पारा चढ़ गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पहुंचकर बंद कमरे में लंबी चर्चा की, जिसे आगामी उपचुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
कोर्ट में क्या हुआ?
दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा 2 अप्रैल को सुनाई गई 3 साल की सजा के खिलाफ राजेंद्र भारती ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। न्यायाधीश डॉ. स्वर्ण कांता शर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है। भारती की विधायकी रद्द होने के कारण दतिया सीट वर्तमान में रिक्त है, और यदि सजा पर रोक नहीं लगती है, तो यहाँ उपचुनाव होना तय है।
मिशन दतिया के लिए बीजेपी की घेराबंदी
सुनवाई टलने के तत्काल बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का डॉ. नरोत्तम मिश्रा के घर पहुंचना कई संकेत दे रहा है। करीब आधे घंटे तक चली इस गोपनीय मुलाकात ने राजनीतिक विश्लेषकों को सक्रिय कर दिया है। सूत्रों की मानें तो पार्टी अब किसी भी समय चुनाव के लिए तैयार रहना चाहती है। दतिया डॉ. मिश्रा का परंपरागत गढ़ रहा है, लेकिन पिछले चुनाव में उन्हें भारती से मामूली अंतर से हार झेलनी पड़ी थी। अब बदली हुई परिस्थितियों में बीजेपी दोबारा इस किले पर कब्जा करने की रणनीति बना रही है।
15 अप्रैल क्यों है महत्वपूर्ण?
कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि 15 अप्रैल को कोर्ट राजेंद्र भारती की सजा पर स्टे नहीं देता है, तो चुनाव आयोग जल्द ही उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर सकता है। कांग्रेस के लिए जहाँ यह सीट बचाने की चुनौती है, वहीं बीजेपी के लिए यह डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सदन में वापसी का सुनहरा मौका माना जा रहा है।







