आईपीएस अधिकारी को धमकी देने पर भाजपा विधायक प्रीतम लोधी पर गिरी गाज, पार्टी ने जारी किया शो-काज नोटिस

आईपीएस अधिकारी को धमकी देने पर भाजपा विधायक प्रीतम लोधी पर गिरी गाज, पार्टी ने जारी किया शो-काज नोटिस
भोपाल,यशभारत: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में तैनात एसडीओपी और आईपीएस अधिकारी आयुष जाखड़ को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में भाजपा आलाकमान ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी को कारण बताओ (शो-काज) नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की जड़ विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी द्वारा की गई एक सड़क दुर्घटना है। आरोप है कि दिनेश लोधी की थार गाड़ी ने पांच लोगों को टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना के बाद जब एसडीओपी आयुष जाखड़ ने नियमनुसार कानूनी कार्रवाई शुरू की और पूछताछ की, तो विधायक प्रीतम लोधी आग-बबूला हो गए।
विधायक की अभद्र बयानबाजी
पुलिस कार्रवाई से नाराज विधायक ने आईपीएस अधिकारी को सार्वजनिक मंच से धमकी दी। विधायक ने न केवल करैरा क्षेत्र को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, बल्कि आईपीएस अधिकारी के घर पर गोबर फेंकने तक की धमकी दे डाली। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद से ही प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में आक्रोश व्याप्त था।
भाजपा संगठन का कड़ा संदेश
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पत्र जारी कर विधायक के आचरण को पार्टी की गरिमा और अनुशासन के विपरीत बताया है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि द्वारा प्रशासनिक अधिकारी के प्रति ऐसी भाषा का प्रयोग करना अशोभनीय है।
प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा
विधायक के इस व्यवहार की कड़ी निंदा हो रही है। जहां एक ओर मध्य प्रदेश आईपीएस एसोसिएशन ने इस घटना को सरकारी काम में बाधा और प्रशासनिक अधिकारियों के मनोबल को गिराने वाला कृत्य करार दिया है, वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। अब सभी की निगाहें विधायक प्रीतम लोधी द्वारा तीन दिनों के भीतर दिए जाने वाले जवाब और भाजपा नेतृत्व द्वारा की जाने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।








