भोपाल में गैस एजेंसियों का बड़ा फर्जीवाड़ा

भोपाल में गैस एजेंसियों का बड़ा फर्जीवाड़ा
रिटायर्ड अफसर की एजेंसी पर एफआईआर की तैयारी
लाखों की अवैध वसूली उजागर
भोपाल, यशभारत। राजधानी के जेके रोड और कोटरा सुल्तानाबाद इलाके में गैस वितरण के नाम पर उपभोक्ताओं के साथ की जा रही बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट में मेसर्स फीनिक्स एचपीसीएल और बीएस एचपी गैस एजेंसियों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। जांच में सामने आया है कि इन एजेंसियों का संचालन खाद्य विभाग के ही एक रिटायर्ड सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा और उनके रिश्तेदार कर रहे हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर अब एडीएम द्वारा एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त करने और संचालकों पर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा अवैध वसूली को लेकर हुआ है। फीनिक्स गैस एजेंसी ने करीब 5 हजार उपभोक्ताओं से सुरक्षा निरीक्षण के नाम पर 238-238 रुपए वसूल लिए, जबकि कर्मचारियों ने किसी भी उपभोक्ता के घर जाकर निरीक्षण नहीं किया। इस तरह करीब 10 लाख रुपए की अवैध वसूली की गई। इसके अलावा, जो उपभोक्ता खुद गोदाम से सिलेंडर ले गए, उन्हें नियमानुसार दी जाने वाली 34 रुपए की छूट भी नहीं दी गई। अनुमान है कि हर महीने करीब 2 लाख रुपए ‘कैश एंड कैरी’ के नाम पर डकारे गए।
स्टॉक की जांच के दौरान भारी मात्रा में सिलेंडर गायब मिले हैं। फीनिक्स एजेंसी से 350 घरेलू, 350 कमर्शियल और 2 हजार छोटे सिलेंडर गायब थे, जबकि बीएस एजेंसी के गोदाम में भी 254 भरे सिलेंडर कम पाए गए। जांच में यह भी पता चला कि उपभोक्ताओं के सिलेंडर बुक होने के बाद उन्हें डिलीवरी नहीं दी गई, लेकिन उनके मोबाइल पर ‘डिलीवर्ड’ के मैसेज भेज दिए गए। बाद में ये सिलेंडर कालाबाजारी के लिए अन्य जगहों पर बेच दिए गए।
नियमों की अनदेखी का आलम यह था कि राजगढ़ डिपो से आने वाले गैस के ट्रक 2 घंटे का रास्ता 24 घंटे में तय कर रहे थे, जिससे रास्ते में गैस चोरी की प्रबल आशंका जताई गई है। साथ ही, गोदाम रिहायशी इलाके के पास पाए गए जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हैं। फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन द्वारा सौंपी गई इस रिपोर्ट पर कलेक्टर के अनुमोदन के बाद अब कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एडीएम प्रकाश नायक जल्द ही संबंधित गैस कंपनियों को इन एजेंसियों के लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव भेज सकते हैं।







