मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जजों की बड़ी नियुक्ति: 7 स्थायी और 4 अतिरिक्त न्यायाधीशों की हुई तैनाती

भोपाल, भारत के राष्ट्रपति ने भारतीय संविधान के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सात नए न्यायाधीशों और चार अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इन नियुक्तियों से हाई कोर्ट में लंबित मामलों को निपटाने और न्यायिक प्रक्रिया को गति देने में मदद मिलेगी। इन महत्वपूर्ण नियुक्तियों की आधिकारिक सूचना भारत सरकार के संयुक्त सचिव, जगन्नाथ श्रीनिवासन द्वारा जारी की गई है। ये नियुक्तियाँ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जो राज्य की न्यायिक प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाएंगी।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के नए न्यायाधीश
संविधान के अनुच्छेद 217 के खंड (1) के तहत, निम्नलिखित सात गणमान्य व्यक्तियों को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। ये सभी अपनी-अपनी कार्यालयों का कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगे:
श्री पुष्पेंद्र यादव (अधिवक्ता)
श्री आनंद सिंह बहरावत (अधिवक्ता)
श्री अजय कुमार निरंकारी (अधिवक्ता)
श्री जय कुमार पिल्लई (अधिवक्ता)
श्री हिमांशु जोशी (अधिवक्ता)
श्री रामकुमार चौबे (न्यायिक अधिकारी)
श्री राजेश कुमार गुप्ता (न्यायिक अधिकारी)
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के 7 नए स्थायी न्यायाधीश
संविधान के अनुच्छेद 217 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारत के राष्ट्रपति ने निम्नलिखित सात गणमान्य व्यक्तियों को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है। ये सभी अपनी-अपनी कार्यालयों का कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगे:
- श्री पुष्पेंद्र यादव: एक अनुभवी अधिवक्ता, जो अब हाई कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएँ देंगे।
- श्री आनंद सिंह बहरावत: ये भी एक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जिन्हें न्यायिक बेंच में शामिल किया गया है।
- श्री अजय कुमार निरंकारी: अधिवक्ता वर्ग से आने वाले श्री निरंकारी अब हाई कोर्ट में न्यायिक दायित्व संभालेंगे।
- श्री जय कुमार पिल्लई: एक और अनुभवी अधिवक्ता, जिन्हें न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है।
- श्री हिमांशु जोशी: अधिवक्ता वर्ग से इस नियुक्ति में शामिल एक और महत्वपूर्ण नाम।
- श्री रामकुमार चौबे: न्यायिक अधिकारी वर्ग से पदोन्नत होकर न्यायाधीश के पद पर नियुक्त हुए हैं।
- श्री राजेश कुमार गुप्ता: ये भी एक न्यायिक अधिकारी हैं, जिन्हें अब हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालना होगा।
इन नियुक्तियों से हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की कमी दूर होगी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में गति आने की संभावना है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के 4 अतिरिक्त न्यायाधीश
संविधान के अनुच्छेद 224 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राष्ट्रपति ने निम्नलिखित चार व्यक्तियों को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया है। इन नियुक्तियों की अवधि दो साल होगी:
- श्री आलोक अवस्थी: न्यायिक अधिकारी वर्ग से आने वाले श्री अवस्थी अपने कार्यालय का कार्यभार संभालने की तारीख से दो साल के लिए अतिरिक्त न्यायाधीश होंगे।
- श्री रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन: ये भी एक न्यायिक अधिकारी हैं, जिन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से दो साल की अवधि के लिए नियुक्त किया गया है।
- श्री भगवती प्रसाद शर्मा: न्यायिक अधिकारी वर्ग से नियुक्त हुए श्री शर्मा भी अपने कार्यालय का कार्यभार संभालने की तारीख से दो साल तक अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कार्य करेंगे।
- श्री प्रदीप मित्तल: ये भी एक न्यायिक अधिकारी हैं, जिनकी अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति 10 अगस्त 2025 से प्रभावी होगी और दो साल की अवधि के लिए रहेगी।







