11 वर्षों के संघर्ष के बाद विश्व मंच पर चमकी भोपाल की राधिका मिसेज वर्ल्ड वूमेन नेशन 2026 का खिताब जीतकर पूरा किया वर्षों का सपना

11 वर्षों के संघर्ष के बाद विश्व मंच पर चमकी भोपाल की राधिका
मिसेज वर्ल्ड वूमेन नेशन 2026 का खिताब जीतकर पूरा किया वर्षों का सपना
भोपाल, यश भारत। कठिन परिस्थितियों सामाजिक चुनौतियों और व्यक्तिगत संघर्षों को पीछे छोड़ते हुए भोपाल की राधिका वसंत जेठा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने मलेशिया में आयोजित मिसेज वर्ल्ड वूमेन नेशन 2026 प्रतियोगिता का खिताब जीतकर वर्षों पुराना सपना साकार किया है। बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में राधिका वसंत जेठा और पेजेंट डायरेक्टर फराह अनवर ने अपनी प्रेरणादायी यात्रा साझा की। राधिका ने बताया कि वर्ष 2012 में विवाह के बाद उनके जीवन में कई चुनौतियां आईं। वर्ष 2013 में बेटी के जन्म के बाद उन्होंने अकेले ही उसकी परवरिश की जिम्मेदारी संभाली। लगभग 11 वर्षों तक एकल अभिभावक के रूप में संघर्ष करते हुए उन्होंने जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना किया लेकिन अपने सपनों को कभी मरने नहीं दिया। राधिका ने बताया कि वर्ष 2024 में पुनर्विवाह के बाद उन्हें नया संबल मिला और उन्होंने ग्लैमर एवं फैशन जगत में पहचान बनाने के अपने सपने को साकार करने की दिशा में गंभीर प्रयास शुरू किए। उन्होंने व्यक्तित्व विकास संवाद कौशल और बॉडी लैंग्वेज पर विशेष मेहनत की। इसके परिणामस्वरूप उन्होंने पहले मिसेज सेंट्रल इंडिया प्रतियोगिता में गोल्ड कैटेगरी का खिताब जीता और फिर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पेजेंट डायरेक्टर फराह अनवर ने बताया कि मलेशिया में आयोजित इस प्रतियोगिता में 22 देशों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता की थीम महिला सशक्तिकरण और बच्चों के अधिकारों पर केंद्रित थी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य प्रदेश की अधिक से अधिक महिलाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है ताकि वे अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास के बल पर नई ऊंचाइयों को छू सकें। प्रतियोगिता का विशेष आकर्षण राधिका की नेशनल कॉस्ट्यूम रही जिसे डिजाइनर ज्योति परिहार ने तैयार किया था। करीब 15 किलोग्राम वजनी इस परिधान में स्टील तांबा पीतल और रसोई में उपयोग होने वाले बर्तनों का रचनात्मक उपयोग किया गया था। मात्र दस दिनों में तैयार इस ड्रेस के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि गृहिणी केवल रसोई तक सीमित नहीं है बल्कि अपनी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के बल पर वैश्विक मंच पर भी पहचान बना सकती है। राधिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी बेटी परिवार और उन सभी लोगों को दिया जिन्होंने कठिन समय में उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने बताया कि अब उनका अगला लक्ष्य मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता की तैयारी कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करना है।







