तीन महीने में ही फीकी पड़ी भोपाल मेट्रो की रफ्तार – सवारियों की कमी से खाली दौड़ रहीं ट्रेनें, कई फेरे करने पड़ रहे कम

तीन महीने में ही फीकी पड़ी भोपाल मेट्रो की रफ्तार
– सवारियों की कमी से खाली दौड़ रहीं ट्रेनें, कई फेरे करने पड़ रहे कम
भोपाल, यश भारत । राजधानी में बड़े सपनों और उम्मीदों के साथ शुरू की गई भोपाल मेट्रो प्रोजक्ट की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। संचालन शुरू होने के तीन महीने के भीतर ही मेट्रो में यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है। कई बार ट्रेनें लगभग खाली ही अपने पूरे रूट का चक्कर लगा रही हैं।
जानकारी के अनुसार करीब 800 यात्रियों की क्षमता वाली मेट्रो ट्रेन में कई ट्रिप के दौरान 100 यात्री भी नहीं मिल पा रहे हैं। पिछले लगभग एक महीने से प्रतिदिन यात्रियों की संख्या सैकड़े के आसपास ही सीमित रही है। ऐसे में मेट्रो संचालन पर भी असर पड़ा है और प्रबंधन को ट्रेनों के फेरे कम करने पड़े हैं।
शुरुआती उत्साह के बाद कम हुआ रुझान
मेट्रो की शुरुआत के बाद पहले कुछ दिनों तक लोगों में काफी उत्साह दिखाई दिया। बड़ी संख्या में लोग मेट्रो में सफर का अनुभव लेने स्टेशनों तक पहुंचे। लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि इनमें से अधिकतर लोग केवल शौकिया तौर पर यात्रा करने आए थे।
मेट्रो प्रबंधन ने शुरुआती दिनों में आए यात्रियों को नियमित सवारी मानकर अनुमान लगाया था, लेकिन बाद में यात्रियों की संख्या लगातार घटती चली गई। इसका असर अब स्टेशनों और ट्रेनों दोनों में साफ दिखाई दे रहा है।
स्टेशनों पर दिनभर सन्नाटा
मेट्रो के कई स्टेशनों पर दिन के समय यात्रियों की कमी के कारण सन्नाटा नजर आने लगा है। प्लेटफॉर्म पर गिने-चुने लोग ही दिखाई देते हैं। कई बार तो ट्रेन बिना पर्याप्त यात्रियों के ही पूरे रूट पर दौड़ती नजर आती है।
17 से घटाकर 13 किए गए फेरे
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार शुरुआती चरण में आठ स्टेशनों के बीच प्रतिदिन 17 फेरे चलाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन यात्रियों की संख्या कम होने के कारण प्रबंधन ने इसमें बदलाव करते हुए फेरे घटाकर 13 कर दिए हैं। इसके बावजूद कुछ ट्रिप में यात्रियों की संख्या बेहद कम रहती है।
यात्रियों की कमी के कारण
मेट्रो में कम सवारियों के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। पहले चरण में मेट्रो रूट की दूरी कम होने से शहर के बड़े हिस्से को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा कई स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाओं और व्यवस्थित पार्किंग की कमी भी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
कुछ स्थानों पर दिव्यांगों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों पर भी अवैध पार्किंग देखी जा रही है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
व्यावसायिक योजनाओं पर भी असर
मेट्रो स्टेशनों के आसपास व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना पर भी इसका असर पड़ता दिखाई दे रहा है। यात्रियों की कम संख्या के कारण निवेशकों की रुचि फिलहाल सीमित बनी हुई है।
एक नजर में भोपाल मेट्रो
मेट्रो सेवा शुरू : 21 दिसंबर 2025
कुल स्टेशन : 8
रूट : सुभाष नगर से एम्स साकेत नगर
कुल दूरी : लगभग 7–7.5 किलोमीटर
ट्रेन की क्षमता : करीब 800 यात्री
शुरुआत में फेरे : 17
वर्तमान में फेरे : 13







