भोपालमध्य प्रदेश

भोपाल मेरा घर, यही मेरी जन्मभूमि और यही मेरा वतन – रूमी जाफरी

भोपाल मेरा घर, यही मेरी जन्मभूमि और यही मेरा वतन – रूमी जाफरी
– भोपाल से निकली यादें आज भी दिल के करीब हैं

भोपाल, यश भारत। भोपाल से रिश्ता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है। यादें आज भी दिल के करीब हैं। भोपाल मेरा घर, यही मेरी जन्मभूमि और यही मेरा वतन है। यह बात प्रसिद्ध पटकथा लेखक और फिल्म निर्देशक रूमी जाफरी ने यश भारत से खास बातचीत के दौरान कही। यश भारत के संस्थापक आशीष शुक्ला से रूमी जाफरी ने अपने फिल्मी सफर और शहर से जुड़े रिश्ते पर खुलकर बात की।
कॉमेडी के लिए सलमान को तैयार करने का अनुभव
रूमी जाफरी ने अपने फिल्मी सफर के उस दौर को भी याद किया, जब सलमान खान को एक अलग तरह के किरदार में पेश करने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि सलमान के साथ रोमांटिक भूमिका के बजाय कॉमेडी का प्रयोग करने का विचार सामने आया और अभिनेता ने भी इस नए अंदाज को अपनाने की तैयारी दिखाई। जाफरी के अनुसार अभिनेता के लिए कॉमेडी एक अलग तरह की चुनौती होती है और सही समय पर किया गया प्रयोग दर्शकों के बीच अलग पहचान बना सकता है।
‘चेहरे’ को बताया अपनी पसंदीदा फिल्मों में से एक
अपने निर्देशन में बनी फिल्मों को लेकर सवाल पूछे जाने पर जाफरी ने अपनी हालिया निर्देशित फिल्म ‘चेहरे’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बनाई फिल्मों में यह फिल्म विशेष रूप से पसंद है। फिल्मों के अपने आगामी प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने कहा कि काम किया जा रहा है।
भोपाल मेरा घर है
बातचीत के दौरान जब उनसे भोपाल और मध्यप्रदेश के लिए संदेश पूछा गया तो उनका जवाब बेहद आत्मीय था। उन्होंने भोपाल को अपना घर बताते हुए कहा कि यह उनकी जन्मभूमि है और यही उनका वतन है।
फिल्मों की चकाचौंध के बीच भी अपने शहर से जुड़े इस रिश्ते को रूमी जाफरी ने सहजता से व्यक्त किया। भोपाल में जन्मे जाफरी के लिए शहर आज भी उनके जीवन की कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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