भोपाल किसी के बाप का नहीं, जहाँ मन हो कब्जा करो: सांसद आलोक शर्मा

भोपाल किसी के बाप का नहीं, जहाँ मन हो कब्जा करो: सांसद आलोक शर्मा
वक्फ और कांग्रेस पर बरसे सांसद, जीतू पटवारी को दी इंदौर जाकर राजनीति करने की नसीहत
भोपाल, यशभारत। मानस भवन के पीछे आदिवासी बस्ती हटाने के दौरान हुए हंगामे के बाद सांसद आलोक शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा, भोपाल किसी के बाप का नहीं है कि जिसका जहाँ मन हो कब्जा कर ले। यह वक्फ के बाप की भी संपत्ति नहीं है। कांग्रेस हमेशा अतिक्रमणकारियों का साथ देती है और जब भी प्रशासन कार्रवाई करता है, तो वे इसे वक्फ की जमीन बताकर चिल्लाने लगते हैं।
वही सांसद ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें नसीहत दी। शर्मा ने कहा कि पटवारी को भोपाल के बजाय इंदौर जाकर राजनीति करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जहाँ भी अवैध निर्माण हटता है, कांग्रेस वहां राजनीति चमकाने पहुँच जाती है। उन्होंने तंज कसा कि अतिक्रमण हटाते समय कांग्रेसियों को हर जमीन वक्फ की नजर आने लगती है।
सांसद ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की यह मुहिम केवल छोटी बस्तियों तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा,बड़े तालाब के किनारे किसी का भी कब्जा हो, चाहे वह कितना भी बड़ा रसूखदार क्यों न हो, उसका अतिक्रमण हटेगा ही। प्रशासन अच्छा काम कर रहा है और भू-माफियाओं के खिलाफ यह जंग जारी रहेगी।
सांसद के इस तल्ख बयान के बाद राजधानी की राजनीति गरमा गई है। एक तरफ जहाँ भाजपा इसे शहर के सौंदर्यीकरण और सरकारी जमीन को मुक्त कराने की मुहिम बता रही है, वहीं आलोक शर्मा के इस बयान को कांग्रेस के तुष्टीकरण की राजनीति के खिलाफ एक बड़े हमले के रूप में देखा जा रहा है।






