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लापता लोगों को जल्द खोजो, पीड़ित परिवारों को मिले 10 लाख मुआवजा विवेक कृष्ण तन्खा

बरगी क्रूज हादसे पर कांग्रेस का आरोप , कहा बिना प्लानिंग और निगरानी के चला रहा क्रूज  इसलिए गईं जानें

लापता लोगों को जल्द खोजो, पीड़ित परिवारों को मिले 10 लाख मुआवजा विवेक कृष्ण तन्खा

बरगी क्रूज हादसे पर कांग्रेस का आरोप , कहा बिना प्लानिंग और निगरानी के चला रहा क्रूज  इसलिए गईं जानें

जबलपुर, यश भारत। बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तंखा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हादसे में अब तक जो लोग लापता हैं, उन्हें जल्द से जल्द खोजा जाए और पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, जहां माता-पिता और परिजनों की सबसे बड़ी मांग यही थी कि उनके लापता बच्चों और परिजनों को खोजकर उन्हें सौंपा जाए।
तंखा ने कहा कि परिजन लगातार प्रशासन से गोताखोरों की संख्या बढ़ाने और सर्च एरिया विस्तारित करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि हर गुजरता मिनट उनके लिए बेहद भारी है और दो से तीन दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें अपने बच्चों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। उन्होंने प्रशासन से सेना या अन्य विशेषज्ञ एजेंसियों की मदद लेकर पूरे इलाके को स्कैन करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि अब यह उम्मीद बेहद कम है कि कोई जीवित मिले, लेकिन फिर भी सभी लापता लोगों को जल्द से जल्द खोजकर उनके परिवारों को सौंपा जाना चाहिए। तंखा ने सरकार द्वारा घोषित मुआवजे को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 4 लाख और प्रधानमंत्री राहत राशि के 2 लाख रुपये पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को कम से कम 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, क्योंकि कई परिवारों ने एक साथ दो-दो और तीन-तीन सदस्यों को खोया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तंखा ने कहा कि इस पूरे मामले में स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के पीछे प्रशासनिक लापरवाही, कमजोर प्लानिंग और निगरानी की कमी जिम्मेदार हो सकती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने बड़े स्तर पर पर्यटन और क्रूज संचालन किया जा रहा था, तब सुरक्षा व्यवस्था, यात्रियों की संख्या, तकनीकी जांच और संचालन की मॉनिटरिंग क्यों नहीं की गई।
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि क्रूज में ओवरलोडिंग भी हादसे का कारण हो सकती है, क्योंकि अब तक यह स्पष्ट सूची सामने नहीं आई है कि हादसे के समय क्रूज में कुल कितने लोग सवार थे। तंखा ने कहा कि यह सभी बिंदु स्वतंत्र जांच का हिस्सा बनने चाहिए।
भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्थाएं बार-बार फेल हो रही हैं।

उन्होंने छिंदवाड़ा के कफ सिरप कांड, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और रीवा मेडिकल कॉलेज की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लगातार प्रशासनिक विफलताएं सामने आ रही हैं।
तंखा ने कहा कि जिन अधिकारियों के जिम्मे पर्यटन और क्रूज संचालन की निगरानी थी, उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना ठोस प्लानिंग और प्रोफेशनल व्यवस्था के इस तरह की गतिविधियां हमेशा हादसों को जन्म देती हैं।
इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा, पश्चिम विधानसभा के पूर्व विधायक तरुण भनोट सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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