एम्स भोपाल में न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों पर हुआ जागरूकता अभियान

एम्स भोपाल में न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों पर हुआ जागरूकता अभियान
भोपाल, यशभारत। एम्स भोपाल के शिशु रोग विभाग द्वारा न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों की समय पर पहचान को लेकर विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान और उनके समग्र विकास के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना रहा। अभियान के दौरान विशेषज्ञों ने ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, बौद्धिक दिव्यांगता, स्पेसिफिक लर्निंग डिसऑर्डर और सेरेब्रल पाल्सी जैसे विकारों के प्रभाव और समय पर पहचान के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुरुआती पहचान और उचित हस्तक्षेप से बच्चों के जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है। कार्यक्रम के तहत बागसेवनिया स्थित एनआरआई ग्लोबल डिस्कवरी स्कूल में शिक्षकों के लिए विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों में लर्निंग डिसएबिलिटी और ऑटिज्म की प्रारंभिक पहचान और स्क्रीनिंग के बारे में बताया गया। शिशु रोग ओपीडी में आयोजित सत्र में अभिभावकों को इन विकारों के लक्षण, चेतावनी संकेत, दिव्यांगजनों के अधिकार और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। कार्यक्रम कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ माधवानन्द कर के मार्गदर्शन और विभागाध्यक्ष शिखा मलिक के पर्यवेक्षण में आयोजित हुआ। सत्र में कीर्ति स्वर्णकर और सपना मौर्य ने भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।







