आवेदन दो और जाओ नए साल में मिलेंगे
कार्रवाई का टारगेट पूरा करने, लंबित प्रकरणों को निपटाने जुटी पुलिस

आवेदन दो और जाओ नए साल में मिलेंगे
कार्रवाई का टारगेट पूरा करने, लंबित प्रकरणों को निपटाने जुटी पुलिस
साल के अंतिम माह में मजबूरी बन रहे मामलों पर ही लग रही एफआईआर की मुहर
जबलपुर, यशभारत। साल की विदाई के पहले थानों में पेडेंसी की भरमार है और अब अंतिम माह में लिखा पढ़ी एफआईआर की मुहर सिर्फवहीं मामलों लग रही है जो पुलिस की मजबूरी बन रहे है बाकी नजर अंदाज किए जा रहे है। पुलिस अब छुटपुट अपराधों और धोखाधड़ी, संपत्ति संबंधित समेत अन्य मामलों में सादे कागजों में आवेदन लेकर शिकायतकर्ताओं को चलता कर रही है।
मतलब साफ है आवदेन दो और चले जाओ। नए साल में मिलेगे अभी पुलिस को पेंडेंसी दूर करना है जो चुनौती है। जिसके चलते थानों में पुलिस सादे कागज में आवेदन लेकर रस्म अदायगी करने के साथ यह प्रभु से भी गुहार लगा रही है कि अब साल के अंतिम दिनों में कोई बड़े अपराध न हो जिनकी कायमी करनी पड़े। इन दिनों शहर से लेकर ग्रामीण अंचल के थानों में लंबित प्रकरणों के निपटाने के साथ कार्रवाई का टारगेट पूरा करने पर पुलिस का फोकस है।

चक्कर काट रहे आवेदक
पेंडेंसी के साथ थानों का ऐसा आलम है कि शिकायतकर्ता थानों के चक्कर काट रहे लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही हैं तो पुलिस लंबित अपराधों का निकाल हो और पुलिस रिकॉर्ड में लंबित मामलों की संख्या न बढ़े इस पर ध्यान दे रही है।
हर माह फटकार, साल के अंत में असर
पुलिस अधिकारी अपराधों की समीक्षा बैठकें लेते है। थाना प्रभारियों से लेकर चौकी प्रभारियों को निर्देश देने के साथ फटकार भी लगाते है कि लंबित प्रकरण नहीं होना चाहिए। इसमें लापरवाही बरती जाए लेकिन अधीनस्थ अफसरों की नहीं सुनते है जब साल की विदाई का समय आता है तो उन्हें लंबित प्रकरणों को निपटाने का तेज कर देते है।
ऐसी है पेंडेंसी महिला संबंधित अपराध, अपहरण, गुमशुदगी, लूट, चोरी, धोखाधड़ी, साइबर क्राइम के प्रकरणों की अधिक पेंडेंसी है। ऐसे प्रकरणों में पुलिस ने विवेचना तेज कर दी है जिन प्रकरणों में आरोपी फरार है जिसकी तलाश शुरू कर दी गई। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अनसुलझे प्रकरणों को निपटाने में भी पुलिस जुटी







