जबलपुरमध्य प्रदेश

सतपुला के पास कंबल बेच रहा था अफगानी एटीएस ने दबोचा।

जबलपुर यश भारत।एटीएस ने 3 और अफगानी युवकों को हिरासत में लिया है। एटीएस ने अफगानी नागरिक सोहबत खान से पूछताछ के दौरान किए गए खुलासे के बाद यह कार्रवाई की है।
एटीएस ने शहर के छोटी ओमती इलाके में रहने वाले याकूब खान, मोहम्मद यूनुस और अब्दुल खान को पकड़ा है। ये जबलपुर में रहकर कंबल बेचने का काम करते थे। शुरूआती जांच में एटीएस को पता चला है कि तीनों आठ नल इलाके में एक किराए का मकान लेकर रह रहे थे। तीनों अफगानी नागरिकों ने भारतीय दस्तावेज बनवा रखे थे।
एटीएस अब यह जानने की कोशिश कर रही है, कि और कितने लोग अभी भी भारतीय दस्तावेज बनवाकर रह रहे हैं। एटीएस ने इससे पहले छह लोगों को पकड़ चुकी है, जिसमें कुछ जबलपुर के रहने वाले हैं।

10 साल से छिपकर रह रहा था सोहबत खान

1 अगस्त को एटीएस की टीम ने जबलपुर के छोटी ओमती में 10 साल से छिपकर रह रहे अफगानी नागरिक सोहबत खान को गिरफ्तार किया था। सोहबत ने सोशल मीडिया में अपनी एक फोटो पिस्टल के साथ पोस्ट की थी। एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) ने लगातार एक सप्ताह तक इसकी निगरानी की थी।
सोहबत खान है, किराए के मकान में रहकर कंबल बेचने का काम किया करता था। अफगानी नागरिक सोहबत खान 2015 में एक काम के सिलसिले में पश्चिम बंगाल से होते हुए भोपाल और फिर जबलपुर आया था। इसके बाद सोहबत ने जबलपुर के छोटी ओमती इलाके में रहने वाली एक महिला से दोस्ती की और बाद में उससे निकाह कर साथ रहने लगा।
सोहबत खान ने ना सिर्फ अपना बल्कि कई अफगानियों के नकली पासपोर्ट बनवाए थे, जिसके लिए जबलपुर के विजयनगर निवासी दिनेश गर्ग पिता श्रवण गर्ग और कटंगा रोड निवासी महेंद्र कुमार पिता माधव प्रसाद को भी गिरफ्तार किया था।

एमपी-छत्तीसगढ़ में 20 से ज्यादा अफगानी

एटीएस को जांच के दौरान पता चला कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में 20 से ज्यादा अफगानी युवक बिना कोई जानकारी दिए अपनी मूल पहचान छिपाकर रह रहे थे। सोहबत की निशानदेही पर एटीएस ने 53 वर्षीय अकबर को भी पकड़ा है, जो कि अभी जेल में है।

अकबर करीब 20 साल पहले अफगानिस्तान से भारत आया और फिर यहीं बस गया था। अकबर पश्चिम बंगाल में रह रहा था और उसे कोलकाता से गिरफ्तार किया गया है। सोहबत ने अकबर का एक लाख 20 हजार रुपए में पासपोर्ट बनवाया था।

अफगान भागने की फिराक में था इकबाल

सोहबत और अकबर की तरह अफगानी नागरिक इकबाल खान का भी फर्जी पासपोर्ट बनवाया था, जिसके जरिए वह जल्द ही अफगानिस्तान जाने की फिराक में था। एटीएस ने इस केस में अब तक 6 लोगों को पकड़ चुकी है, जिसमें वन विभाग में पदस्थ दिनेश गर्ग,चंदन सिंह और महेश सुखदान है। मंगलवार को एटीएस ने छोटी ओमती से जिस याकूब खान को हिरासत में लिया है, वह 15 साल पहले अपने दादा के साथ अफगानिस्तान से भारत आया था। सूत्र बताते हैं कि याकूब के बाद यूनुस और अब्दुल भी भारत आ गए। यहां आने के बाद इन दोनों का भी इंडियन पासपोर्ट बन गया था।

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