स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप, फर्जी अस्पतालों और नर्सिंग कॉलेजों को लेकर एनएसयूआई ने उठाए सवाल

स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप,
फर्जी अस्पतालों और नर्सिंग कॉलेजों को लेकर एनएसयूआई ने उठाए सवाल,
भोपाल यश भारत। मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में फर्जी निजी अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज और आयुष्मान योजना के नाम पर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है। रवि परमार ने मंगलवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल से मुलाकात कर इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई। एनएसयूआई के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग में चल रही कथित गड़बड़ियों से जुड़े दस्तावेज भी मंत्री को सौंपे और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। एनएसयूआई का आरोप है कि प्रदेश में कई स्थानों पर फर्जी अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जबकि नर्सिंग कॉलेजों में फर्जी फैकल्टी नियुक्त कर नियमों की अनदेखी की जा रही है। साथ ही आयुष्मान योजना में भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि कई जिलों में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन गड़बड़ियों को संरक्षण दे रहे हैं जिसके कारण शासन की योजनाओं को आर्थिक नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अनियमितताओं से आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है। एनएसयूआई ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।







