देशमध्य प्रदेश

एम्स की तकनीक से बदलेगी मप्र की मातृ-शिशु स्वास्थ्य व्यवस्था

महिला-बाल विकास विभाग और एम्स भोपाल के बीच होगा एमओयू

भोपाल,यशभारत। मध्यप्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा एम्स भोपाल के बीच जल्द ही एक महत्वपूर्ण एमओयू किया जाएगा। इस साझेदारी के माध्यम से एम्स की आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञता और शोध का लाभ प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों एवं फ्रंटलाइन वर्कर्स तक पहुंचाया जाएगा।

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने मंत्रालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में इस साझेदारी को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को गंभीर कुपोषण (SAM) की सटीक पहचान, समय पर उपचार और स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विशेष क्लिनिकल प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं संपूर्ण पोषण के लिए प्रतिबद्ध है। एम्स भोपाल की तकनीकी विशेषज्ञता से फ्रंटलाइन वर्कर्स को सशक्त बनाया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में डेटा आधारित निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ेगी।

एमओयू महिला एवं बाल विकास विभाग और एम्स भोपाल के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन विभाग के अंतर्गत संचालित ‘स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ तथा ‘स्टेट टेक्निकल सपोर्ट यूनिट’ के बीच होगा। इसके तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सुपरवाइजर्स और परियोजना अधिकारियों को विशेष तकनीकी एवं चिकित्सकीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि इस पहल की शुरुआत जनजातीय बाहुल्य जिलों झाबुआ और धार से की जा चुकी है, जहां प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हो गया है। आने वाले समय में इसे पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।

बैठक में यह भी बताया गया कि एम्स भोपाल के विशेषज्ञ गंभीर कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य पर अध्ययन कर रहे हैं। साथ ही आईसीएमआर और एनसीओई, नई दिल्ली के सहयोग से बेहतर अनुपूरक आहार (THR) तथा परिवारों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यवहार परिवर्तन संचार (BCC) पर भी शोध किया जा रहा है।

समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त श्रीमती निधि निवेदिता, एम्स भोपाल के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण एम. कोकने, नोडल अधिकारी डॉ. अभिजीत पाखरे, राज्य समन्वयक श्री दीपक पाण्डेय सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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